राजनाथ सिंह: विकसित भारत के विजन में प्रादेशिक सेना की अहम भूमिका, 10 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड
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Defence Ministry
राजनाथ सिंह ने प्रादेशिक सेना के योगदान को विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया।
44,400 कर्मियों वाली प्रादेशिक सेना ने 10 करोड़ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया।
आपदा राहत, सीमा सुरक्षा और सामाजिक सेवा में प्रादेशिक सेना की भूमिका की सराहना की गई।
New Delhi / रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रादेशिक सेना (Territorial Army) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बैठक में प्रादेशिक सेना के अधिदेश, कार्यप्रणाली, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने बल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जहां नियमित सशस्त्र बल देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय रक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, वहीं प्रादेशिक सेना सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान देती है। उन्होंने कहा कि प्रादेशिक सेना 'नागरिक-सैनिक' (Citizen-Soldier) की अवधारणा का जीवंत उदाहरण है, जिसके सदस्य अपने नागरिक जीवन के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर देश की सेवा के लिए वर्दी पहनकर सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रादेशिक सेना प्रशिक्षित सैनिकों का एक मजबूत आरक्षित बल है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सेवा अवधि पूरी होने के बाद जब सैनिक नागरिक जीवन में लौटते हैं तो वे समाज और सेना के बीच एक मजबूत सेतु बनते हैं तथा युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं।
रक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रादेशिक सेना में लगभग 44,400 कर्मी और 59 विविध इकाइयां कार्यरत हैं। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इस बल की भूमिका की विशेष सराहना करते हुए कहा कि केरल की बाढ़, ओडिशा के चक्रवात और हाल ही में असम में आई बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान प्रादेशिक सेना ने राहत एवं बचाव कार्यों के साथ चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर हजारों लोगों की मदद की।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी प्रादेशिक सेना का योगदान उल्लेखनीय रहा है। राजनाथ सिंह ने बताया कि इसके पारिस्थितिक कार्य बलों (Ecological Task Forces) ने अब तक करीब 10 करोड़ पौधे लगाए हैं, जिनमें से 80 से 85 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के 'मिशन लाइफ' और 'पंचामृत' लक्ष्यों को धरातल पर उतारने का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाने में प्रादेशिक सेना की सक्रिय भूमिका की भी सराहना की।
बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रादेशिक सेना की क्षमता बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप उसे और सशक्त बनाने पर व्यापक चर्चा की गई।