72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

Tue 22-Sep-2026,11:36 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 72nd National Film Awards
  • अनंत नाग को वर्ष 2024 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

  • आर्टिकल 370 को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

  • ममूटी, कार्तिक आर्यन और यामी गौतम समेत कई कलाकार सम्मानित हुए।

Delhi / New Delhi :

एकता नगर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एकता नगर में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में विभिन्न श्रेणियों के पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने सभी विजेताओं को उनकी प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के लिए बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा कि फिल्म निर्माण किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम होता है। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले कलाकारों से पर्दे के पीछे काम करने वाले तकनीशियनों और टीम के अन्य सदस्यों के योगदान को भी याद करने की अपील की।

समारोह का सबसे खास क्षण अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाना रहा। राष्ट्रपति ने थिएटर और सिनेमा में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। अनंत नाग ने सम्मान स्वीकार करते हुए अपनी अभिनय यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बचपन के बाद मुंबई पहुंचने पर रंगमंच से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने करीब 50 नाटकों में काम किया। बाद में श्याम बेनेगल जैसे फिल्मकारों के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कन्नड़ सिनेमा को अपनी कर्मभूमि बनाया और बेंगलुरु में रहकर लंबे समय तक अभिनय किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सिनेमा को देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि फिल्मों में भारत की अलग-अलग परंपराओं, आकांक्षाओं और संघर्षों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने एकता नगर को समारोह के आयोजन स्थल के रूप में चुने जाने की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।

राष्ट्रपति ने रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े छोटे कलाकारों, सहायकों और संघर्षरत कर्मियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। साथ ही लोकप्रिय कलाकारों से बच्चों और युवाओं पर उनके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक चीजों का प्रचार नहीं करने का आग्रह किया।

इस साल पुरस्कारों में भारतीय सिनेमा की भाषाई विविधता भी प्रमुखता से दिखाई दी। आर्टिकल 370 को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। ममूटी को ब्रह्मयुगम और कार्तिक आर्यन को चंदू चैंपियन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का संयुक्त पुरस्कार मिला, जबकि यामी गौतम को आर्टिकल 370 के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया। संजय मिश्रा को भक्षक के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। महाराजा के लिए सचना नामिदास और मिथ्या के लिए रूपाश्री वरकडी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।

राजकुमार पेरियासामी को अमरन के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया। कल्कि 2898 एडी को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म चुना गया, जबकि कैप्टन मिलर को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान मिला।

समारोह में गढ़वाली, तुलु और संथाली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली। ढोली को सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म और इम्बू को सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म का पुरस्कार मिला। संथाली फिल्म आंगेन के निर्देशक रवि राज मुर्मू को निर्देशक की पहली सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान प्रदान किया गया।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार केवल पर्दे पर नजर आने वाले कलाकारों का सम्मान नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़े पूरे रचनात्मक समुदाय की मेहनत की पहचान हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 34 भाषाओं की 400 फीचर फिल्मों और 24 भाषाओं की 161 नॉन-फीचर फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।

एकता नगर में आयोजित समारोह ने भारतीय सिनेमा की अलग-अलग भाषाओं, कहानियों और प्रतिभाओं को एक मंच पर ला दिया। पुरस्कार समारोह ने यह संदेश भी दिया कि भारतीय सिनेमा की ताकत उसकी विविधता और सामूहिक रचनात्मकता में है।