खरीफ 2025-26 में छत्तीसगढ़ किसानों को राहत

Tue 06-Jan-2026,11:00 AM IST +05:30

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खरीफ 2025-26 में छत्तीसगढ़ किसानों को राहत Chhattisgarh-MSP-Pulses-Oilseeds-Purchase-2025
  • मूल्य समर्थन योजना के तहत तुअर, उड़द, मूंग, सोयाबीन और मूंगफली की तय मात्रा में सीधी खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

  • MSP पर खरीद से किसानों की आय बढ़ेगी, दलहन-तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है, जिससे राज्य के दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दलहन और तिलहनी फसलों की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

भारत सरकार के ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर जानकारी दी है। केंद्र की मंजूरी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में तुअर (अरहर) की 21,330 मीट्रिक टन, उड़द की 25,530 मीट्रिक टन, मूंग की 240 मीट्रिक टन, सोयाबीन की 4,210 मीट्रिक टन और मूंगफली की 4,210 मीट्रिक टन MSP पर खरीद की जाएगी। यह संपूर्ण खरीद प्रक्रिया मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत सीधे किसानों से की जाएगी।

इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज बाजार में कम कीमत पर बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी। MSP पर सुनिश्चित खरीद से दलहन और तिलहन उगाने वाले किसानों की आय में स्थिरता आएगी, जिससे खेती को आर्थिक संबल मिलेगा और कृषि में निवेश की प्रवृत्ति बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के इस फैसले के लिए आभार जताते हुए कहा कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि MSP पर खरीद की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएंगी, ताकि हर पात्र किसान को इसका लाभ मिल सके।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि MSP पर भरोसेमंद खरीद व्यवस्था से किसानों का रुझान दलहन और तिलहन की खेती की ओर बढ़ेगा। इससे आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ इन फसलों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकता है। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।