अमित शाह ने लॉन्च किया NSG का NIDMS, IED आतंकवाद पर AI आधारित राष्ट्रीय वार
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NIDMS से IED और विस्फोट डेटा का राष्ट्रीय एकीकरण, AI आधारित विश्लेषण और जांच एजेंसियों को रियल-टाइम निर्णय समर्थन मिलेगा।
One Nation, One Data Repository से अभियोजन तेज होगा, पैटर्न पहचान सुधरेगी और एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत बनेगा।
नई दिल्ली/ केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के National IED Data Management System (NIDMS) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गृह सचिव, IB निदेशक, NSG महानिदेशक, CAPF प्रमुख और राज्यों के पुलिस महानिदेशक उपस्थित रहे। यह प्रणाली देशभर में IED और विस्फोट संबंधी घटनाओं के डेटा को एकीकृत, मानकीकृत और सुरक्षित तरीके से साझा करने का राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले छह वर्षों में विविध प्रकार का सुरक्षा डेटा व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया है। अब तक यह डेटा अलग-अलग साइलो में था, लेकिन NIDMS के माध्यम से इसे जोड़कर AI आधारित उन्नत विश्लेषण किया जाएगा। यह पहल आतंकवाद के खिलाफ नेक्स्ट-जेनरेशन सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी।
NIDMS के जरिए NIA, राज्यों की ATS, पुलिस और सभी CAPF को दो-तरफा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिलेगा। किसी भी विस्फोट या IED घटना का डेटा तत्काल अपलोड और विश्लेषित किया जा सकेगा, जिससे जांच एजेंसियों को रियल-टाइम गाइडेंस मिलेगी। NSG के पास 1999 से अब तक के बम विस्फोटों का विस्तृत डेटाबेस है, जो अब देशभर की एजेंसियों के लिए सुलभ होगा। इससे पैटर्न, modus operandi, सर्किट पद्धति और ट्रेंड्स की पहचान आसान होगी।
गृह मंत्री ने इसे ‘One Nation, One Data Repository’ की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सही समय पर सही जगह सूचना पहुंचाने में यह प्रणाली निर्णायक साबित होगी। NIDMS एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो केस फाइलों में बिखरे डेटा के लिए सिंगल-क्लिक एक्सेस विंडो प्रदान करेगा।
श्री शाह ने NSG को भारत की विश्वस्तरीय Zero-Error Force बताते हुए उसकी वीरता और तत्परता की सराहना की। उन्होंने NSG के क्षेत्रीय हब मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद और अयोध्या में बन रहे नए हब का उल्लेख किया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में 1-1.5 घंटे में तैनाती संभव होगी।
उन्होंने CCTNS, ICJS-2, e-Prison, e-Prosecution, e-Forensics और NAFIS जैसे प्लेटफॉर्म्स का जिक्र करते हुए कहा कि अब NIDMS इनके साथ जुड़कर AI-सक्षम मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार करेगा। यह पहल भारत की आंतरिक सुरक्षा को डेटा-संचालित, तेज और अधिक प्रभावी बनाएगी।