जोधपुर में अमित शाह बोले-आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ है माहेश्वरी समाज

Sat 10-Jan-2026,04:15 PM IST +05:30

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जोधपुर में अमित शाह बोले-आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ है माहेश्वरी समाज Amit-Shah-Maheshwari-Convention-Jodhpur-2026
  • स्वदेशी, स्वभाषा और संगठन को विकसित भारत @2047 की बुनियाद बताते हुए युवाओं से योगदान का आह्वान

  • उद्योग, व्यापार, सेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में माहेश्वरी समाज के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया

Rajasthan / Jodhpur :

जोधपुर/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राजस्थान के जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन एंड एक्सपो-2026 को संबोधित करते हुए माहेश्वरी समाज के ऐतिहासिक, आर्थिक और राष्ट्रनिर्माण में योगदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज ऐसा समाज है, जिसने हर युग में भारत को केवल दिया है, कभी देश से लिया नहीं।

कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने मुग़ल काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम और आज़ादी के बाद आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने तक हर दौर में राष्ट्र के लिए अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जब युद्धों के लिए संसाधनों की जरूरत पड़ी, तब इस समाज ने राजाओं के खजाने भरे और जब स्वतंत्रता संग्राम चला, तब महात्मा गांधी के आंदोलनों को आर्थिक मजबूती दी।

परंपरा और प्रगति का संतुलन

गृह मंत्री ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने यह सिद्ध कर दिया है कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकती हैं। उद्योग, व्यापार, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में समाज ने वैश्विक पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह समाज हमेशा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर रहा है।

उन्होंने प्रसिद्ध कहावत का उल्लेख करते हुए कहा, “जहां रेल नहीं पहुंचती, वहां मारवाड़ी पहुंच जाता है।” यह कथन माहेश्वरी समाज की दूरदृष्टि और उद्यमशीलता को दर्शाता है।

संगठन से राष्ट्र निर्माण

अमित शाह ने कहा कि समाजों का संगठित होना संकीर्णता नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक है। यदि देश का हर समाज अपने लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प ले ले, तो विकसित भारत का लक्ष्य स्वतः पूरा हो जाएगा। उन्होंने समाज द्वारा संचालित सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हजारों लोगों को सम्मानजनक जीवन और आवास उपलब्ध कराना माहेश्वरी समाज की सेवा भावना को दर्शाता है।

राम मंदिर आंदोलन और सांस्कृतिक योगदान

गृह मंत्री ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में पहला बलिदान देने वाले दोनों भाई माहेश्वरी समाज से थे। 550 वर्षों बाद रामलला का भव्य मंदिर देश की सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पहचान है, जिसमें इस समाज का योगदान अविस्मरणीय है।

आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पर जोर

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 11वें स्थान से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और शीघ्र ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे उन उत्पादों का निर्माण भी शुरू करें, जो अभी भारत में नहीं बनते।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी और स्वभाषा आत्मनिर्भर भारत के दो मजबूत स्तंभ हैं। विदेशी भाषाएं सीखें, लेकिन बच्चों से मातृभाषा में संवाद करें, ताकि वे अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़े रहें।

विकसित भारत @2047 का संकल्प

अमित शाह ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब 140 करोड़ भारतीय एक दिशा में कदम बढ़ाएं। माहेश्वरी समाज जैसे संगठित और राष्ट्रवादी समाज इस लक्ष्य को प्राप्त करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वदेशी, स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने में भागीदार बनें।