IICA ने PGIP 8वां बैच शुरू किया
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IICA ने PGIP के 8वें बैच की शुरुआत कर देश में सक्षम और नैतिक इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।
नई साझेदारी से भारत के इन्सॉल्वेंसी और दिवालियापन पारिस्थितिकी तंत्र को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद।
Delhi/ कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (IICA) ने 15 जनवरी 2026 को इन्सॉल्वेंसी और दिवालियापन क्षेत्र में क्षमता निर्माण की दिशा में दो अहम उपलब्धियां हासिल कीं। इस अवसर पर पोस्ट ग्रेजुएट इन्सॉल्वेंसी प्रोग्राम (PGIP) के 8वें बैच के लिए पंजीकरण की औपचारिक शुरुआत की गई और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान के अंतर्गत भारतीय इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल्स संस्थान (IIIPI-ICAI) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
IICA का दो वर्षीय पूर्णकालिक प्रमुख कार्यक्रम PGIP देश में इन्सॉल्वेंसी पेशेवरों को तैयार करने का एक राष्ट्रीय स्तर का मंच बन चुका है। 8वें बैच के पंजीकरण का शुभारंभ IICA के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा IIIPI–ICAI के अध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, छात्र एवं परीक्षा साझेदार IBPS सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे।
IICA के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि PGIP भारत के बदलते इन्सॉल्वेंसी ढांचे की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम, नैतिक और पेशेवर मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि 8वें बैच का शुभारंभ और IIIPI-ICAI के साथ MoU, शैक्षणिक उत्कृष्टता और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की दिशा में IICA की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
IICA और IIIPI-ICAI के बीच हुए इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य शैक्षणिक आदान-प्रदान, अनुसंधान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण और इन्सॉल्वेंसी एवं दिवालियापन से जुड़े ज्ञान साझा करने को प्रोत्साहित करना है। यह साझेदारी भारत में एक मजबूत, पारदर्शी और भविष्य-उन्मुख इन्सॉल्वेंसी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।
IIIPI-ICAI के प्रबंध निदेशक सीए राहुल मदान ने कहा कि IICA के PGIP कार्यक्रम के साथ संस्थान की निरंतर सहभागिता से परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और मजबूत बनाया गया है। उन्होंने PGIP के बढ़ते राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करते हुए आगे भी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
IIIPI-ICAI के अध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार के संस्थागत सहयोग से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप प्रशिक्षित इन्सॉल्वेंसी पेशेवर तैयार होंगे, जिससे भारत के दिवालियापन और इन्सॉल्वेंसी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।