गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन, नवाचार, निर्यात और विरासत संरक्षण पर जोर
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गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में भारत को वैश्विक वस्त्र केंद्र बनाने के लिए नीति समन्वय और नवाचार पर जोर।
पारंपरिक वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प संरक्षण, कारीगरों की आजीविका और डिजिटल प्लेटफार्म से बाजार पहुंच मजबूत करने पर बल।
guwahati/ गुवाहाटी में आज आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में देश के वस्त्र उद्योग को मजबूत बनाने के लिए नवाचार, सतत विकास, विरासत संरक्षण और निर्यात विस्तार पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सम्मेलन के पहले सत्र में वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि भारत को वैश्विक वस्त्र केंद्र बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और नीति समन्वय आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन से वस्त्र क्षेत्र के लिए स्पष्ट रूपरेखा तैयार होगी।
दूसरे दिन निर्यात विस्तार, प्रतिस्पर्धात्मकता और ब्रांडिंग पर चर्चा हुई। केंद्र और राज्य के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2030 तक भारत के वस्त्र निर्यात को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रणनीतियों पर विचार किया। सम्मेलन में यह भी माना गया कि डिज़ाइन नवाचार, डिजिटल प्लेटफार्म और निवेश प्रोत्साहन से कारीगरों और बुनकरों की आजीविका मजबूत होगी।
पारंपरिक वस्त्रों, हथकरघा और हस्तशिल्प पर विशेष ध्यान दिया गया। देश की समृद्ध वस्त्र विरासत के संरक्षण, बाजार पहुंच बढ़ाने, मूल्यवर्धन और ब्रांडिंग पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने राज्यों को केंद्र की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसमें अवसंरचना विकास, प्रौद्योगिकी उन्नयन और सतत विकास आधारित पहल शामिल हैं।
सम्मेलन ने दो दिन में यह स्पष्ट कर दिया कि केंद्र और राज्यों का सहयोग, निवेश प्रोत्साहन, नवाचार और निर्यात रणनीतियाँ भारत को वैश्विक वस्त्र केंद्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।