रेल सुरक्षा में नया अध्याय: वडोदरा–अहमदाबाद सेक्शन पर कवच 4.0 की सफल शुरुआत
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वडोदरा–अहमदाबाद सेक्शन पर कवच 4.0 की सफल शुरुआत.
ओवरस्पीड और सिग्नल उल्लंघन पर स्वतः ब्रेक प्रणाली.
मेक इन इंडिया के तहत विकसित SIL-4 प्रमाणित तकनीक.
Ahemdabad / भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करते हुए ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली कवच 4.0 को गुजरात के वडोदरा (बाजवा)–अहमदाबाद रेल सेक्शन पर सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। करीब 96 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कवच 4.0 की शुरुआत से रेल परिचालन में सुरक्षा, सटीकता और भरोसे का नया दौर शुरू हुआ है। यह प्रणाली पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और मेक इन इंडिया अभियान के तहत विकसित की गई है।
कवच 4.0 भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक आधुनिक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसे सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 यानी SIL-4 का प्रमाणन प्राप्त है। यह प्रमाणन रेलवे सिग्नलिंग और सुरक्षा प्रणालियों में सर्वोच्च स्तर का माना जाता है। इसका उद्देश्य ट्रेन संचालन के दौरान मानवीय भूलों को कम करना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को समय रहते रोकना है।
इस प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि ट्रेन निर्धारित गति सीमा से अधिक चलती है या किसी खतरे की स्थिति उत्पन्न होती है, तो कवच 4.0 स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर देता है। इससे लोको पायलटों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है और तेज रफ्तार, सिग्नल अनदेखी या तकनीकी चूक जैसी स्थितियों में दुर्घटना का खतरा काफी कम हो जाता है।
कवच 4.0 को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह ट्रेनों के आमने-सामने होने वाली टक्करों, पीछे से होने वाली टक्करों और सिग्नल पास्ड एट डेंजर जैसी गंभीर घटनाओं को रोक सके। इसके साथ ही इसमें आपातकालीन एसओएस सुविधा, लेवल क्रॉसिंग गेटों पर स्वचालित नियंत्रण और बेहतर लोकेशन सटीकता जैसी कई उन्नत सुरक्षा विशेषताएं भी शामिल की गई हैं।
यह प्रणाली ट्रेन की सटीक स्थिति की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध कराती है, जिससे कंट्रोल रूम और संचालन से जुड़े कर्मचारियों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है। कवच 4.0 में ऑप्टिकल फाइबर केबल आधारित संचार व्यवस्था का उपयोग किया गया है, जो तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद डेटा ट्रांसमिशन सुनिश्चित करती है। इससे ट्रेन, ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कवच प्रणाली को देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। अब तक 2,200 किलोमीटर से अधिक रेल मार्गों पर इस प्रणाली को सफलतापूर्वक स्थापित किया जा चुका है। आने वाले समय में इसे व्यस्त और संवेदनशील रेल मार्गों पर प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की योजना है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वडोदरा–अहमदाबाद सेक्शन पश्चिमी रेलवे का एक महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां संचालित होती हैं। ऐसे में कवच 4.0 जैसी उन्नत सुरक्षा प्रणाली का लागू होना न केवल दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक होगा, बल्कि समय पालन और परिचालन दक्षता को भी बेहतर बनाएगा।
कुल मिलाकर, कवच 4.0 भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रणाली रेल सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है और आने वाले वर्षों में भारतीय रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।