पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन: दिल्ली हाट में कारीगरों को मिला राष्ट्रीय मंच

Sun 18-Jan-2026,11:04 PM IST +05:30

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पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्घाटन: दिल्ली हाट में कारीगरों को मिला राष्ट्रीय मंच PM Vishwakarma Hat 2026
  • दिल्ली हाट में पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का शुभारंभ.

  • 117 से अधिक कारीगरों को मिला राष्ट्रीय मंच.

  • पीएम विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को प्रशिक्षण व आर्थिक सहयोग.

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने आज दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में आयोजित पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में इराक और रवांडा के राजदूतों, एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों, कारीगरों और अन्य हितधारकों की मौजूदगी ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर खास बना दिया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने पीएम विश्वकर्मा योजना की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला और इस भव्य प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा गांव-स्तर की पृष्ठभूमि से आने वाले कारीगरों को अपने उत्पादों को बेचने और पहचान दिलाने का एक मूल्यवान मंच प्रदान करता है। उन्होंने विश्वकर्मा परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और गतिशील नेतृत्व में यह योजना देश के हर विश्वकर्मा को बाजार से जोड़ रही है और उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बना रही है।

राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पीएम विश्वकर्मा पहल ने बहुत कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 117 से अधिक कारीगरों की भागीदारी वास्तव में उत्साहजनक है। उनके अनुसार, यह मंच न केवल कारीगरों को देशभर में पहचान दिला रहा है, बल्कि उनके लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच के नए रास्ते भी खोल रहा है। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत सरकार के सतत प्रयासों और एमएसएमई मंत्रालय की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

एमएसएमई मंत्रालय के सचिव श्री एस.सी.एल. दास ने पीएम विश्वकर्मा को “विरासत से विकास” की सोच का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि विश्वकर्माओं की समृद्ध और विविध क्षमताएं भारत की पारंपरिक शिल्प परंपरा को आधुनिक जरूरतों से जोड़ने का काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वकर्माओं को एक सशक्त मंच मिला है, जिसने उन्हें आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वहीं, मंत्रालय के अपर सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने कहा कि विश्वकर्मा भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के असली इंजन हैं। उन्होंने योजना के लाभों का उल्लेख करते हुए बताया कि पीएम विश्वकर्मा कारीगरों के लिए बेहतर विपणन अवसर, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता सुनिश्चित कर रही है, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।

इस आयोजन को और जीवंत बनाने के लिए बिहार और राजस्थान की विषयवस्तु पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोक नृत्य प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसने दर्शकों को भारत की सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराया।

पीएम विश्वकर्मा हाट 2026, जो 18 से 31 जनवरी तक दिल्ली हाट में आयोजित हो रहा है, प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 10:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। इसमें देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 117 से अधिक कारीगर भाग ले रहे हैं। प्रदर्शनी में हस्तनिर्मित उत्पाद, लाइव शिल्प प्रदर्शन और “विश्वकर्मा का अभियान, विकसित भारत का निर्माण” की भावना को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अनुभव शामिल हैं।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को पहचान पत्र और प्रमाण पत्र, ₹500 प्रतिदिन के भत्ते के साथ कौशल प्रशिक्षण, ₹15,000 तक की टूलकिट सहायता, ₹3 लाख तक का बिना जमानत ऋण, डिजिटल लेन-देन पर प्रोत्साहन और ब्रांडिंग, पैकेजिंग व ई-कॉमर्स जैसी विपणन सहायता प्रदान की जाती है। कुल मिलाकर, पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 भारत की पारंपरिक शिल्प विरासत को आधुनिक बाजार से जोड़ने की एक मजबूत और प्रेरणादायक पहल बनकर सामने आया है।