वायरल फोटो विवाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निलंबित, जांच के आदेश

Thu 26-Mar-2026,05:57 PM IST +05:30

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वायरल फोटो विवाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निलंबित, जांच के आदेश Chhattisgarh-Police-Officer-Suspended-Viral-Photo-Case
  • छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो वायरल होने के बाद निलंबित किया गया, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई।

  • प्रारंभिक जांच में अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के उल्लंघन के संकेत मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सस्पेंशन आदेश जारी किया।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में उस समय हलचल मच गई जब वरिष्ठ अधिकारी रतन लाल डांगी को अचानक निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर उनके कथित आपत्तिजनक फोटो वायरल होने के बाद की गई है। मामले ने तेजी से तूल पकड़ा और विभाग की छवि पर सवाल खड़े होने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया और आगे जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुई तस्वीरों ने पुलिस विभाग की साख को प्रभावित किया। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच करवाई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि अधिकारी का आचरण सेवा नियमों के अनुरूप नहीं था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

विभागीय आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत अधिकारी से अनुशासन, मर्यादा और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने इन मानकों का पालन नहीं किया और ऐसा व्यवहार प्रदर्शित किया, जो अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के विरुद्ध है। विशेष रूप से नैतिकता, अनुशासन और सार्वजनिक आचरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन प्रथम दृष्टया सामने आया है।

यह मामला सोशल मीडिया के प्रभाव को भी उजागर करता है, जहां किसी भी घटना या सामग्री के वायरल होते ही उसका व्यापक असर देखने को मिलता है। इस घटना के बाद आम जनता के बीच भी पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर चर्चा शुरू हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है। अब इस मामले में विस्तृत विभागीय जांच कराई जाएगी, जिसमें सभी पहलुओं की गहन जांच होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें निलंबन जारी रखने या अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाने का निर्णय शामिल हो सकता है।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी अधिकारी द्वारा सेवा नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी सेवा में अनुशासन और नैतिक आचरण सर्वोपरि है।