राष्ट्रपति मुर्मु ने #SkilltheNation चैलेंज लॉन्च कर भारत को एआई भविष्य के लिए तैयार किया

Thu 01-Jan-2026,05:04 PM IST +05:30

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राष्ट्रपति मुर्मु ने #SkilltheNation चैलेंज लॉन्च कर भारत को एआई भविष्य के लिए तैयार किया Skill-The-Nation-Challenge-President-Murmu-Ai-2026
  • कौशल विकास मंत्रालय की पहल से युवाओं को एआई-संचालित कार्यबल के लिए तैयार करने पर जोर।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने #SkilltheNation चैलेंज लॉन्च कर एआई और कौशल विकास को भारत के भविष्य की आधारशिला बताया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 1 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक विशेष समारोह में #SkilltheNation चैलेंज का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्चुअल माध्यम से ओडिशा के रायरांगपुर स्थित इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और कौशल केंद्र का उद्घाटन भी किया। यह पहल भारत को एआई-संचालित भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आज वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया आकार दे रही है। यह शिक्षा, रोजगार, सेवाओं और जटिल मानवीय चुनौतियों के समाधान के तरीकों को तेजी से बदल रही है। भारत जैसे युवा और ऊर्जावान देश के लिए एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि सकारात्मक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का एक बड़ा अवसर है।

राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की सोच हमेशा से रही है कि प्रौद्योगिकी का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने, समावेशन को बढ़ावा देने और अवसरों का विस्तार करने के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी असमानताओं को पाटने के लिए होना चाहिए, ताकि इसके लाभ समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचित समुदायों तक पहुंच सकें।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी, ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज की सेवा और समस्याओं के समाधान के लिए किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने एआई लर्निंग मॉड्यूल पूरा करने वाले सांसदों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “सीखकर नेतृत्व” का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आने वाले दशक में एआई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख विकास चालक बनेगा। डेटा साइंस, एआई इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशल देश की एआई प्रतिभा को मजबूत करेंगे और जीडीपी, रोजगार तथा उत्पादकता में अहम योगदान देंगे।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारत को एक ज्ञान-आधारित, तकनीक-संचालित और समावेशी राष्ट्र बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।