शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-राम जी कानून में 125 दिन रोजगार गारंटी की घोषणा
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Shivraj Chauhan Ram Ji Law 125 Days Employment Erode
मंत्री ने 1000 से अधिक महिला किसानों और उद्यमियों से संवाद किया, कृषि नवाचार, उत्पाद गुणवत्ता और बेहतर विपणन पर दिशा-निर्देश दिए।
विकसित भारत राम जी कानून के तहत 125 दिनों की रोजगार गारंटी और बेरोजगारी भत्ता, गांवों में आत्मनिर्भरता और रोजगार बढ़ाने की पहल।
Tamil Nadu/ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को तमिलनाडु के ईरोड में किसानों, कामगारों और महिला किसानों से संवाद किया। उन्होंने विकसित भारत-जी राम जी कानून को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मंत्री ने कहा कि इस कानून के तहत अब 100 की बजाय 125 दिनों की रोजगार गारंटी दी जाएगी। यदि निर्धारित अवधि में काम नहीं मिलता है तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा, और मजदूरी भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होने पर ब्याज भी जोड़ा जाएगा। प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, जिससे फील्ड स्टाफ को समय पर वेतन मिल सके और कार्य प्रणाली अधिक प्रभावी बने।
मंत्री ने ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि अब गांव स्तर पर विकास कार्यों के निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार रोकने और फंड सीधे किसानों के खातों में पहुंचाने का महत्व भी बताया।
ईरोड की प्रसिद्ध हल्दी मंडी का दौरा करते हुए, श्री चौहान ने टरमरिक सिटी में टेस्टिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने ICAR को आवश्यक निर्देश दिए ताकि हल्दी की गुणवत्ता जांच, प्रमाणीकरण और बेहतर विपणन किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने हल्दी बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने और कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कृषि नवाचारों का अवलोकन किया और 100 से अधिक कृषि उत्पाद स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने 1000 से अधिक महिला किसानों और प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनके अनुभव, उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन संभावनाओं पर चर्चा की। मंत्री ने कृषि बीज विकास, निर्यात संवर्धन और नवाचार को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया।
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना किसानों के कल्याण, रोजगार सृजन और ग्राम स्तर पर सशक्त निर्णय सुनिश्चित करेगी। जनभागीदारी के माध्यम से विकसित और समृद्ध गांवों का लक्ष्य साकार होगा।