राहुल गांधी का बड़ा हमला: NEET-UG पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
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Rahul Gandhi Statement
राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक पर सरकार को घेरा.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई.
छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल.
Delhi / Rahul Gandhi ने NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर जाती है। राहुल गांधी ने खास तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाने की मांग की है और कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
यह पूरा मामला उस समय और गंभीर हो गया जब NEET-UG परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए। 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। बाद में सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा भी की, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि करीब 22 लाख छात्रों ने इस परीक्षा की तैयारी में वर्षों मेहनत की, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों का वितरण व्हाट्सएप जैसे माध्यमों पर किया गया, जिससे पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और यह एक गंभीर सिस्टम फेलियर को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी और कथित साठगांठ के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में योग्यता के बजाय विचारधारा को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे संस्थानों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि या तो वे शिक्षा मंत्री को तुरंत हटाएं या फिर इस पूरी स्थिति की जिम्मेदारी खुद लें। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जिन लोगों की लापरवाही से यह स्थिति बनी है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यह मामला अब केवल परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट बता रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।