सरसों के तेल के फायदे: दिल, त्वचा, बाल और वजन के लिए वरदान
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सरसों का तेल विटामिन E, ओमेगा-3 और मिनरल्स से भरपूर होकर त्वचा, बाल और हृदय स्वास्थ्य को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाता है।
नियमित सेवन से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, मेटाबॉलिज्म तेज होता है और वजन संतुलन में मदद मिलती है।
HEALTH/ भारतीय रसोई में सरसों का तेल सदियों से उपयोग में रहा है और आज भी यह स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। बदलती जीवनशैली और रिफाइंड तेलों के बढ़ते चलन के बीच सरसों का तेल अपने औषधीय गुणों के कारण अलग पहचान बनाए हुए है। विटामिन, मिनरल्स और आवश्यक फैटी एसिड से भरपूर यह तेल न केवल शरीर को अंदर से मजबूत करता है, बल्कि त्वचा, बाल, दिल और जोड़ों की सेहत को भी बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है।
पोषक तत्वों से भरपूर सरसों का तेल
सरसों के तेल में विटामिन E, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे आवश्यक मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और अल्फा लिनोलेनिक एसिड मौजूद होते हैं, जो शरीर के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी माने जाते हैं। यही कारण है कि यह तेल पारंपरिक होने के साथ-साथ वैज्ञानिक रूप से भी फायदेमंद साबित होता है।
त्वचा और बालों के लिए वरदान
सरसों के तेल से बना भोजन त्वचा को भीतर से पोषण देता है। इसके नियमित सेवन से त्वचा की नमी बनी रहती है और रंगत में निखार आता है। वहीं सिर में सरसों के तेल की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। इससे बाल लंबे, घने और मजबूत बनते हैं। रूखी और बेजान त्वचा को यह प्राकृतिक रूप से मॉइस्चराइज करता है।
दिल को रखे स्वस्थ
सरसों का तेल हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इससे ब्लड फ्लो संतुलित रहता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।
डिहाइड्रेशन और इंफेक्शन से सुरक्षा
विटामिन E से भरपूर सरसों का तेल त्वचा में नमी बनाए रखने में सहायक होता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण शरीर को विभिन्न संक्रमणों से बचाने में मदद करते हैं।
भूख बढ़ाने और वजन संतुलन में सहायक
जिन लोगों को भूख कम लगती है या जो दुबले-पतले हैं, उनके लिए सरसों के तेल से बना भोजन लाभकारी हो सकता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाकर भूख बढ़ाने में मदद करता है। वहीं थियामिन, फोलेट और नियासिन जैसे विटामिन मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है।
दांत और जोड़ों के दर्द में राहत
दांत दर्द की स्थिति में सरसों के तेल और नमक से मसूड़ों की मालिश करना एक पुराना घरेलू उपाय है। इससे दर्द में राहत मिलती है और दांत मजबूत होते हैं। वहीं जोड़ों के दर्द और गठिया के मरीजों के लिए सरसों के तेल की मालिश और सेवन दोनों ही लाभकारी माने जाते हैं।