MP कैबिनेट बैठक आज: परिवीक्षा अवधि में पूर्ण वेतन पर बड़ा फैसला संभव
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हाईकोर्ट के फैसले और मुख्यमंत्री मोहन यादव के सकारात्मक रुख से कर्मचारियों को बड़ी राहत की उम्मीद।
अगर प्रस्ताव मंजूर हुआ तो यह लाखों नए सरकारी कर्मचारियों के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से ऐतिहासिक फैसला होगा।
Bhopal/ मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार की आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर लाखों नए शासकीय कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं। वजह है परिवीक्षा अवधि (Probation Period) में पूर्ण वेतन दिए जाने से जुड़ा बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव, जिस पर आज बड़ा फैसला होने की संभावना जताई जा रही है। अब तक राज्य में नए नियुक्त कर्मचारियों को परिवीक्षा काल के दौरान आंशिक वेतन दिया जाता रहा है, जिसे लेकर लंबे समय से कर्मचारी संगठनों में असंतोष बना हुआ था।
यह मुद्दा तब और अहम हो गया जब हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि परिवीक्षा अवधि में कार्यरत कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। अदालत के इस रुख के बाद सरकार पर निर्णय लेने का नैतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहले सार्वजनिक मंचों से संकेत दे चुके हैं कि उनकी सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं करेगी।
आज की कैबिनेट बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य सरकार खुद को कर्मचारी हितैषी सरकार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। यदि परिवीक्षा अवधि में पूर्ण वेतन का प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह फैसला हजारों नहीं बल्कि लाखों नए शासकीय कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा। इससे न केवल उनकी आय में बढ़ोतरी होगी, बल्कि कार्य के प्रति मनोबल और संतोष भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का आज का कार्यक्रम भी बेहद व्यस्त है। सुबह 11 बजे वे राज्य कैबिनेट की अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वे विधानसभा जाएंगे और शाम को कृषि लोकोत्सव से जुड़ी बैठक लेंगे। इसके अतिरिक्त, शाम 6 बजे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से संबंधित विषयों पर भी समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इसके साथ ही अभ्युदय एमपी क्विज पुरस्कार वितरण समारोह और नासा में चयनित छात्रों को नासा किट वितरण कार्यक्रम में भी उनकी सहभागिता तय है।
ऐसे में आज का दिन नए शासकीय कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। यदि कैबिनेट से सकारात्मक निर्णय आता है, तो यह मोहन यादव सरकार का एक बड़ा नीतिगत और जनहितैषी कदम माना जाएगा। अब सभी की निगाहें कैबिनेट के फैसले पर टिकी हुई हैं।