केरल कौमुदी कॉनक्लेव में अमित शाह ने रखा ‘न्यू केरल, विकसित भारत’ विजन
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
न्यू-केरल,-विकसित-भारत-विजन
केरल कौमुदी कॉनक्लेव में अमित शाह ने विकसित केरल, सुरक्षित केरल और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के विजन के साथ केंद्र के विकास आंकड़े पेश किए।
रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर उद्योग, पर्यटन और आईटी आधारित समावेशी विकास मॉडल की आवश्यकता बताई।
तिरुवनंतपुरम/ केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित केरल कौमुदी कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए ‘न्यू इंडिया, न्यू केरल’ के विजन को विस्तार से रखा। उन्होंने विकसित भारत की संकल्पना को विकसित केरल से जोड़ते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और नागरिकों की आय में वृद्धि ही ‘विकसित केरलम’ की बुनियाद है। इस अवसर पर राजनीति, विकास, सुरक्षा और सुशासन से जुड़े अहम मुद्दों पर उन्होंने स्पष्ट विचार रखे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने तिरुवनंतपुरम में केरल कौमुदी कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘The New India, A New Kerala’ की परिकल्पना विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत तभी संभव है जब देश का हर राज्य अपने ऑप्टिमम पोटेंशियल के साथ आगे बढ़े और इसमें विकसित केरल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्री शाह ने कहा कि भारतीय इतिहास में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी से लेकर पावर जनरेशन और प्लैनेट प्रोटेक्शन तक, इतने विविध विकास मॉडल की कल्पना की है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो मात्र 11 वर्षों में चौथे स्थान पर पहुँच गया है और 2027 से पहले तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने ‘विकसित केरल, सुरक्षित केरल और सबकी आस्थाओं का सम्मान करने वाला केरल’ को अपनी राजनीति का मूल मंत्र बताया। श्री शाह के अनुसार, विकसित केरल का अर्थ है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत शिक्षा व्यवस्था, अत्याधुनिक R&D, औद्योगिक विकास और हर व्यक्ति की आय में वृद्धि। साथ ही, हर नागरिक की सुरक्षा और हर धर्म व आस्था का संरक्षण भी इस विजन का अभिन्न हिस्सा है।
केरल की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह राज्य संस्कृति, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है। आयुर्वेद, आईटी, स्टार्टअप, स्पोर्ट्स, बैकवॉटर टूरिज्म और बौद्धिक विमर्श हर क्षेत्र में केरल ने अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से दो गठबंधनों के बारी-बारी से सत्ता में आने से राजनीतिक स्थिरता के बजाय stagnancy पैदा हुई है।
श्री अमित शाह ने remittance-based economy पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल विदेशों से आने वाली कमाई के भरोसे केरल का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने पूछा कि जिन परिवारों का कोई सदस्य विदेश में नहीं है, उनके विकास का क्या होगा? उन्होंने पर्यटन, समुद्री व्यापार, आयुर्वेद, मसाले, डेटा स्टोरेज, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने PFI जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाया, तब केरल में सत्ता में रहे दोनों गठबंधनों ने इसका समर्थन नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या PFI और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन केरल को एक रख सकते हैं? श्री शाह ने स्पष्ट किया कि अदृश्य खतरों को पहचानकर उन्हें समाप्त करना ही सुरक्षित केरल की नींव है।
उन्होंने सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि जांच केवल निष्पक्ष हो ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष दिखे भी। इससे शासन पर जनता का विश्वास बना रहेगा।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए श्री शाह ने कहा कि केरल में बारी-बारी से सत्ता में आए दोनों गठबंधनों ने एक-दूसरे के भ्रष्टाचार की जांच नहीं की। को-ऑपरेटिव, AI कैमरा, PPP और सोलर घोटालों का हवाला देते हुए उन्होंने ‘governance without corruption’ की आवश्यकता पर बल दिया।
विकास निधि के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 तक केरल को केंद्र से 72 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि 2014 से 2024 तक मोदी सरकार ने 3.13 लाख करोड़ रुपये दिए। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड, रेलवे, एयरपोर्ट और शहरी विकास के लिए अलग-अलग हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए गए। उन्होंने कहा कि केरल के साथ अन्याय केंद्र सरकार ने नहीं, बल्कि राज्य सरकारों ने किया है।
अपने संबोधन के अंत में श्री अमित शाह ने कहा कि न्यू केरल बनने पर ही न्यू इंडिया बनेगा और विकसित केरल होने पर ही विकसित भारत संभव है। उन्होंने केरल कौमुदी को स्थानीय भाषाओं की पत्रकारिता में एक विश्वसनीय आवाज बताते हुए कहा कि यह केरल की जनता की आत्मा की आवाज बन चुका है।