रायपुर में चाइनीज मांझे का कहर: युवक घायल प्रशासन पर सवाल

Fri 16-Jan-2026,11:34 AM IST +05:30

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रायपुर में चाइनीज मांझे का कहर: युवक घायल प्रशासन पर सवाल Raipur-Chinese-Manja-Attack-Youth-Injured
  • प्रतिबंध के बावजूद राजधानी में खुलेआम बिक रहा चाइनीज मांझा, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल।

  • नेता प्रतिपक्ष ने दोषी दुकानदारों पर कार्रवाई और सख्त जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ घटना पंडरी एक्सप्रेस-वे रायपुर रोड की है, जहां संकल्प द्विवेदी अपनी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर फैला चाइनीज मांझा अचानक उनके चेहरे से टकरा गया। मांझे की धार इतनी तेज थी कि संकल्प के दोनों गाल बुरी तरह कट गए। हादसे में उनकी बहन के हाथ में भी हल्की चोट आई।

घटना के तुरंत बाद परिजनों ने संकल्प को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आपातकालीन उपचार करते हुए उनके चेहरे पर 34 टांके लगाए। चिकित्सकों के अनुसार घाव काफी गहरे हैं और भविष्य में स्थायी निशान से बचने के लिए प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

पीड़ित संकल्प द्विवेदी ने बताया कि वह केवल अपनी बहन को सुरक्षित स्कूल छोड़ने निकले थे, लेकिन इस हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक रहे चाइनीज मांझे की वजह से आम नागरिकों की जान खतरे में है।

गौरतलब है कि रायपुर में चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में यह जानलेवा मांझा आसानी से उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण दुकानदार बिना डर के इसकी बिक्री कर रहे हैं।

यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ब्राह्मण पारा वार्ड में एक महिला चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो चुकी हैं। हर साल पतंगबाजी के मौसम में ऐसे हादसे सामने आते हैं, लेकिन कार्रवाई केवल औपचारिकताओं तक सीमित रह जाती है।

घटना के बाद पीड़ित युवक नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के पास न्याय की गुहार लेकर पहुंचा। आकाश तिवारी ने इसे नगर निगम और जिला प्रशासन की घोर लापरवाही बताया। उन्होंने निगम आयुक्त और जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर दोषी दुकानदारों पर आपराधिक मामला दर्ज करने, बाजारों में सघन जांच अभियान चलाने और प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की मांग की है।

नगर निगम अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई स्पष्ट या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा आखिर बाजार तक कैसे पहुंच रहा है और प्रशासन कब तक आम लोगों की जान को खतरे में डालता रहेगा।