रिद्धिमा पाठक ने BPL से हटने का फैसला खुद लिया
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रिद्धिमा पाठक को सोशल मीडिया पर भारी समर्थन मिल रहा है, फैंस उनके साहस और राष्ट्रीय भावना की सराहना कर रहे हैं।
रिद्धिमा पाठक ने BPL ब्रॉडकास्ट पैनल से हटने का फैसला खुद लिया, उन्हें BCB ने नहीं हटाया और देशहित को प्राथमिकता दी।
Delhi/ भारतीय स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर रिद्धिमा पाठक ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) से हटने को लेकर चल रही अटकलों पर बड़ा बयान दिया है। रिद्धिमा ने साफ किया कि उन्हें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने नहीं हटाया, बल्कि उन्होंने खुद ब्रॉडकास्ट पैनल से हटने का फैसला लिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट और कूटनीतिक संबंध तनावपूर्ण हैं।
रिद्धिमा पाठक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “पिछले कुछ घंटों से यह कहानी चल रही है कि मुझे BPL से ड्रॉप कर दिया गया। यह बिल्कुल गलत है। मैंने खुद निजी तौर पर यह फैसला लिया। मेरे लिए मेरा देश हमेशा पहले आता है। क्रिकेट किसी एक असाइनमेंट से कहीं बड़ा है।” उन्होंने कहा कि वह सालों से क्रिकेट को ईमानदारी, सम्मान और जुनून के साथ कवर करती आ रही हैं और आगे भी खेल की भावना के साथ मजबूती से खड़ी रहेंगी।
रिद्धिमा पाठक का जन्म 17 फरवरी 1990 को रांची, झारखंड में हुआ। पेशे से वह मॉडल, अभिनेता, वॉइस आर्टिस्ट, टीवी एंकर और स्पोर्ट्स प्रेजेंटर हैं। रिद्धिमा ने अपने करियर की शुरुआत रेडियो स्टेशन में इंटर्नशिप से की। इसके बाद उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स, टेन स्पोर्ट्स, सोनी नेटवर्क और जियो सिनेमा जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर कई अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को होस्ट किया। उन्हें टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान विशेष पहचान मिली और वह कई दिग्गज भारतीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स के इंटरव्यू कर चुकी हैं।
इस विवाद के बीच ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें भारत से बाहर टी20 वर्ल्ड कप मैच कराने की अपील की गई थी। बांग्लादेश के मुस्ताफिज़ुर रहमान को आईपीएल से रिलीज़ करने के बाद BCB ने विरोध जताया और आगामी आईपीएल सीज़न के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया। इस विवाद ने दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में तल्खी को बढ़ा दिया।
रिद्धिमा पाठक के देशभक्ति और देशहित में लिया गया यह साहसिक कदम सोशल मीडिया पर जमकर सराहा जा रहा है। फैंस और क्रिकेट प्रेमी उनके इस फैसले को न सिर्फ राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बता रहे हैं बल्कि इसे साहसी निर्णय भी मान रहे हैं।