Atishi Controversy | गुरु तेग बहादुर विवाद पर घिरीं आतिशी, BJP विधायकों ने सदस्यता रद्द और केस की मांग की

Wed 07-Jan-2026,03:29 PM IST +05:30

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Atishi Controversy | गुरु तेग बहादुर विवाद पर घिरीं आतिशी, BJP विधायकों ने सदस्यता रद्द और केस की मांग की Atishi-Controversy
  • गुरु तेग बहादुर जी के अपमान के आरोप पर आतिशी विवादों में.

  • भाजपा विधायकों ने स्पीकर को पत्र लिखकर सदस्यता रद्द की मांग.

  • कपिल मिश्रा ने वीडियो शेयर कर उठाए सवाल.

Delhi / Delhi :

Delhi / दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी को लेकर सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने उनकी सदस्यता रद्द करने और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग कर दी। इस मांग को लेकर भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को औपचारिक पत्र भी सौंपा है। पूरे मामले की जानकारी दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में दी।

प्रवेश वर्मा ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को लेकर चर्चा आयोजित की गई थी। आरोप है कि इस अहम चर्चा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भाग नहीं लिया। वर्मा का कहना है कि न केवल आतिशी की अनुपस्थिति सवालों के घेरे में है, बल्कि उन्होंने इस दौरान गुरु तेग बहादुर जी के प्रति अपमानजनक टिप्पणी भी की, जिससे सिख समाज और देश के नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं।

मंत्री वर्मा ने कहा कि आतिशी द्वारा किए गए कथित अपमान का मुद्दा सभी भाजपा विधायकों ने एकजुट होकर सदन में उठाया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बताया कि भाजपा विधायकों ने स्पीकर को पत्र लिखकर आतिशी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है और इस पर जल्द, समयबद्ध कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

प्रवेश वर्मा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का सम्मान देश के हर नागरिक के लिए आस्था और गौरव का विषय है। ऐसे में उनके अपमान की बात से पूरे देश की भावनाएं आहत हुई हैं और भाजपा विधायकों को भी इससे गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने यह भी बताया कि सदन में आतिशी द्वारा दिए गए बयान की कॉपी विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दी गई है, ताकि तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जा सके।

उधर, इस विवाद को और हवा तब मिली जब दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो के साथ कपिल मिश्रा ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि जब विधानसभा में गुरुओं का सम्मान किया जा रहा था, तब नेता प्रतिपक्ष द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा क्या पवित्र सदन के योग्य है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली की राजनीति में टकराव और तेज हो गया है।