इजरायली हवाई हमले में पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
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Mahmoud Ahmadinejad Death
तेहरान में हवाई हमले में अहमदीनेजाद की मौत.
IRGC सुरक्षा कर्मी भी हमले में मारे गए.
ईरान ने कड़े जवाब और सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए.
Isreal / मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के हवाई हमलों में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार को तेहरान के उत्तर-पूर्वी नरमक इलाके में स्थित एक इमारत पर यह हमला किया गया, जहां अहमदीनेजाद अपनी टीम के साथ मौजूद थे। इस हमले में उनके कई करीबी सलाहकार और सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड भी मारे गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, सुरक्षा में तैनात जवान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े थे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हमले के बाद इमारत में भारी तबाही देखी जा सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया है कि इस हमले में दो स्कूली छात्रों की भी मौत हुई है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
अहमदीनेजाद का राजनीतिक सफर
महमूद अहमदीनेजाद का जन्म 28 अक्टूबर 1956 को सेम्नान प्रांत के अरदान गांव में हुआ था। वह 2005 से 2013 तक ईरान के छठे राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल के दौरान ईरान का परमाणु कार्यक्रम वैश्विक बहस का केंद्र बना रहा। वे अपने सख्त बयानों और पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और इजरायल, के खिलाफ आक्रामक रुख के लिए जाने जाते थे।
2005 में दिया गया उनका बयान—“इजरायल को नक्शे से मिटा देना चाहिए”—अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी विवादित रहा। उनके शासनकाल में ईरान पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए। हालांकि देश के भीतर वे गरीबों और आम जनता के बीच लोकप्रिय थे, क्योंकि वे सादगीपूर्ण जीवन और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जाने जाते थे।
क्षेत्रीय तनाव और जवाबी कार्रवाई
इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस्लामिक गणराज्य के वर्तमान राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि ईरान क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। उन्होंने हालिया हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत को “शहादत” बताया और बदले की बात दोहराई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कुवैत, कतर, इराक और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई में भी हमलों की खबर है, जहां तीन लोगों की मौत और कई के घायल होने की सूचना है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ती चिंता
खाड़ी देशों ने ईरान की कार्रवाई की आलोचना की है और संयम बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि पड़ोसी देश इस संघर्ष का हिस्सा नहीं बनना चाहते। वहीं ईरान का दावा है कि वह केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है और शांति चाहता है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को हालात और न बिगाड़ने की चेतावनी दी है। बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है और वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और तेल बाजारों पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।