ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमला, मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध संकट

Sun 01-Mar-2026,08:43 PM IST +05:30

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ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमला, मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध संकट USS Abraham Lincoln
  • ईरान का अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमले का दावा.

  • आईआरजीसी ने संघर्ष के नए चरण की बात कही.

  • खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा सैन्य तनाव और सुरक्षा अलर्ट.

Tehran Province / Tehran :

Tehran / मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना के बड़े युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया गया है। यही युद्धपोत कथित तौर पर ईरान पर हमलों में इस्तेमाल हुआ था। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA और आईआरजीसी के बयान के हवाले से कहा गया है कि ‘ऑपरेशन टू प्रॉमिस 4’ के तहत ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर कार्रवाई की। इसी दौरान अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हालांकि, इस दावे पर अमेरिका की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आईआरजीसी के बयान में कहा गया है कि संघर्ष अब “नए चरण” में प्रवेश कर चुका है और जमीन के साथ-साथ समुद्री मोर्चे पर भी हमले तेज किए जाएंगे। इससे पहले रविवार को ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई जगहों पर हमले किए। बताया जा रहा है कि ये हमले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक रियाद, दुबई, अबू धाबी, दोहा, मनामा, यरुशलम और तेल अवीव में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजरायली राहत सेवाओं ने पुष्टि की है कि ताजा मिसाइल हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है। खाड़ी क्षेत्र में दहशत का माहौल है और कई देशों ने अपने एयरस्पेस और सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खामेनेई की हत्या को “मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा” बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान इसे अपना कर्तव्य और अधिकार मानता है कि वह इस हमले के जिम्मेदार लोगों से बदला ले। उनके बयान से साफ है कि तेहरान फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है।

वहीं, इजरायल ने खामेनेई की मौत को “पहला कदम” करार दिया है। सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने दावा किया कि संयुक्त अभियान में एक ही मिनट में दो अलग-अलग स्थानों पर 40 वरिष्ठ कमांडरों को खत्म किया गया, जिनमें खामेनेई भी शामिल थे।

इन दावों और जवाबी बयानों के बीच पूरा क्षेत्र अस्थिरता की ओर बढ़ता दिख रहा है। अगर हालात काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर केवल मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।