BSSC चेयरमैन बने आलोक राज का 2 दिन में इस्तीफा

Tue 06-Jan-2026,06:25 PM IST +05:30

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BSSC चेयरमैन बने आलोक राज का 2 दिन में इस्तीफा Alok-Raj-BSSC-Chairman-Resignation
  • पूर्व डीजीपी आलोक राज ने BSSC चेयरमैन पद से दो दिन में इस्तीफा देकर बिहार प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी।

  • इस्तीफे के बीच BPSC TRE-3 पेपर लीक केस में EOU ने संजीव मुखिया गिरोह से जुड़े आरोपी को गिरफ्तार किया।

Bihar / Patna :

BIHAR/ बिहार प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में उस समय हलचल मच गई, जब पूर्व डीजीपी और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के चेयरमैन पद से महज दो दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया। उनका यह फैसला सभी के लिए चौंकाने वाला रहा। बताया जा रहा है कि उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना त्यागपत्र सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है।

आलोक राज 31 दिसंबर 2025 को बिहार सरकार की सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। उसी दिन राज्य सरकार ने उन्हें BSSC का चेयरमैन नियुक्त किया था। औपचारिक रूप से उन्हें 1 जनवरी 2026 से कार्यभार संभालना था, लेकिन उन्होंने 4 जनवरी को पदभार ग्रहण किया। नियमानुसार उन्हें 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, यानी अगले पांच वर्षों तक इस पद पर बने रहना था। ऐसे में दो दिन के भीतर इस्तीफा देना कई सवाल खड़े कर रहा है।

सेवानिवृत्ति से पहले आलोक राज बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। उनके कार्यकाल में पुलिस अवसंरचना से जुड़े कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को गति मिली थी। प्रशासनिक हलकों में उनकी पहचान एक सख्त, अनुशासित और ईमानदार अधिकारी के रूप में रही है। बिहार पुलिस में वे भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते थे।

गौरतलब है कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है। हाल के वर्षों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों और पेपर लीक मामलों के कारण आयोग लगातार चर्चा में रहा है। इसी पृष्ठभूमि में आलोक राज की नियुक्ति को अहम माना जा रहा था।

इसी बीच, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) TRE-3 पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए संजीव मुखिया गिरोह से जुड़े आरोपी बिपुल कुमार उर्फ बिपुल शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी का हरियाणा STET पेपर लीक से भी कनेक्शन सामने आया है। अब तक इस केस में 289 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

आलोक राज के अचानक इस्तीफे और जारी पेपर लीक जांच ने बिहार की भर्ती प्रणाली को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है।