छत्तीसगढ़ में शिक्षा बजट बढ़ा, राजस्व व्यवस्था डिजिटल
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छत्तीसगढ़ सरकार ने उच्च शिक्षा बजट बढ़ाकर 1822 करोड़ किया, नई भर्ती, नए कॉलेज और स्किल कोर्स से शिक्षा व्यवस्था मजबूत।
राजस्व विभाग में जमीन से जुड़े कार्य ऑनलाइन, नए तहसील पद, स्वामित्व कार्ड और डिजिटल सुविधाओं से पारदर्शिता बढ़ी।
CG NEWS/ छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री टंक राम वर्मा ने छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के बीते दो वर्षों के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता, तकनीकी सशक्तिकरण और जनहित को केंद्र में रखकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
मंत्री वर्मा ने बताया कि उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए बजट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2023–24 में जहां उच्च शिक्षा विभाग का बजट 1212.75 करोड़ रुपये था, वहीं 2025–26 में इसे बढ़ाकर 1822.75 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स और 108 जेनेरिक इलेक्टिव कोर्स शुरू किए गए हैं, जिससे छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल सके।
शिक्षक संवर्ग को मजबूत करते हुए 366 सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्राध्यापक बनाया गया है, वहीं 595 प्राध्यापक पदों पर सीधी भर्ती की गई है। शैक्षणिक विस्तार के तहत 8 नए शासकीय और 11 नए अशासकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा।
पीएम ऊषा योजना के तहत 3 विश्वविद्यालयों को 20–20 करोड़ रुपये और 13 कॉलेजों को 5–5 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा, GATI योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना शुरू की गई है।
राजस्व विभाग में प्रक्रियाओं को सरल और डिजिटल बनाया गया है। भूमि से जुड़े अधिकांश कार्य अब ऑनलाइन हो चुके हैं। भूमि व्यपर्तन प्रक्रिया के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। प्रशासनिक मजबूती के लिए 30 तहसीलदार और 15 नायब तहसीलदार के नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण के लिए 5 डिसमिल से कम भूमि विक्रय पर रोक लगाई गई है। अब तक 80 हजार लोगों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए जा चुके हैं और 10 लाख हितग्राहियों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। मंत्री ने कहा कि इन सुधारों से आम जनता और किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।