कल्याण-डोंबिवली महापालिका चुनाव 2026: महायुती के 19 उम्मीदवार बिनविरोध विजयी

Fri 02-Jan-2026,08:32 PM IST +05:30

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कल्याण-डोंबिवली महापालिका चुनाव 2026: महायुती के 19 उम्मीदवार बिनविरोध विजयी Kalyan-Dombivli-Election-2026
  • महायुती ने 19 उम्मीदवारों को बिनविरोध जिताया.

  • भाजपा के 13 और शिंदेसेना के 6 उम्मीदवार विजयी.

  • अन्य दलों के उम्मीदवारों ने माघार ली.

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai / मुंबई के पास स्थित कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में चुनावी माहौल पहले ही दिन से महायुती (भाजपा और शिंदेसेना) के पक्ष में दिख रहा है। प्रत्यक्ष मतदान होने से पहले ही महायुती के 19 उम्मीदवारों को बिनविरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। इन 19 सीटों में भाजपा के 13 और शिंदेसेना के 6 उम्मीदवार शामिल हैं।

उम्मीदवारों के अर्ज़ पत्र की अंतिम तिथि समाप्त होने से पहले ही महायुती के सामने अन्य दलों – उद्धव सेना, कांग्रेस, मनसे और अपक्ष उम्मीदवारों – ने अपने अर्ज़ वापस ले लिए। इससे महायुती को कई सीटों पर बिना मुकाबले जीत मिल गई। कुल 122 सदस्यीय कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में बिनविरोध चुने गए उम्मीदवारों की संख्या 19 तक पहुंच गई है, जो महायुती के लिए बड़े राजनीतिक लाभ का संकेत है।

भाजपा के बिनविरोध उम्मीदवार
भाजपा की ओर से रेखा चौधरी, आसावरी नवरे, रंजना पेणकर, रवीना माळी, सुनिता पाटील, साई शेलार, महेश पाटील, पूजा म्हात्रे, दीपेश म्हात्रे, जयेश म्हात्रे, मंदा पाटील, हर्षदा भोईर और विशू पेडणेकर जैसे उम्मीदवार बिनविरोध चुने गए। इनमें रेखा चौधरी, आसावरी नवरे और रंजना पेणकर को सबसे पहले ही बिनविरोध घोषित किया गया था, जबकि बाकी उम्मीदवार बाद में चयनित हुए।

शिंदेसेना के बिनविरोध उम्मीदवार
शिंदेसेना के छह उम्मीदवार भी बिनविरोध चुन लिए गए। इन उम्मीदवारों में हर्षल मोरे, विश्वनाथ राणे, वृषाली जोशी, रमेश म्हात्रे, ज्योती मराठे और रेश्मा निचळ शामिल हैं। महायुती के इस मजबूत प्रदर्शन ने विरोधियों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि बिनविरोध जीत के कारण महायुती को शुरुआती बढ़त मिल गई है।

महायुती की रणनीति और राजनीतिक महत्व
भाजपा और शिंदेसेना की महायुती ने अपने रणनीतिक चुनावी अभियान के तहत यह सुनिश्चित किया कि कई प्रभागों में विपक्षी उम्मीदवारों को मुकाबला देने का मौका न मिले। उम्मीदवारों के बिनविरोध चुनाव के पीछे विपक्षी दलों में माघार और अनुशासनहीनता एक बड़ी वजह मानी जा रही है। उद्धव सेना, कांग्रेस और मनसे के कई उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, जिससे महायुती के लिए जीत आसान हो गई।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिनविरोध जीत महायुती के लिए शुरुआती शक्ति का संकेत है और आगामी मतदान चरणों में यह गठबंधन और मजबूत स्थिति में रहेगा। कल्याण-डोंबिवली महापालिका के चुनावों में बिनविरोध चयन ने महायुती की बढ़त को स्पष्ट रूप से दिखा दिया है। विपक्ष के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गई है कि वे कैसे महायुती के इस दबदबे को चुनौती देंगे।

इस प्रकार, कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में महायुती का दबदबा और शुरुआती बढ़त स्पष्ट है। बिनविरोध चुनावों ने उनके लिए न केवल राजनीतिक शक्ति बढ़ाई है बल्कि आगामी मतदान के लिए रणनीतिक लाभ भी सुनिश्चित किया है।