Mumbai BMC Election 2026: शिवाजी पार्क में निर्णायक रैलियों की गर्मजोशी
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शिवाजी पार्क में निर्णायक राजनीतिक रैलियां.
ठाकरे भाईयों और बीजेपी के हाईवोल्टेज प्रचार.
बीएमसी चुनाव 2026 के अंतिम चरण की तैयारी.
Mumbai / मुंबई में 2026 के बीएमसी चुनावों का प्रचार जोरों पर है और आखिरी दौर की रैलियों को लेकर राजनीतिक माहौल बेहद गरम है। इस बार चुनावों की सबसे बड़ी और निर्णायक सभा ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में आयोजित होने जा रही है। शिवाजी पार्क का बीएमसी कार्यालय से दूरी केवल 2.4 किलोमीटर है, इसलिए यह मैदान हमेशा से ही राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र रहा है। 11 जनवरी को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की संयुक्त सभा होगी, जो चुनावी आखिरी राउंड में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ठाकरे भाईयों की सभा में महायुति अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकती है। यह सभा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले दिन, यानी 12 जनवरी को बीजेपी और शिवसेना की संयुक्त सभा भी इसी मैदान पर आयोजित होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर 11 जनवरी को ठाकरे भाईयों की सभा में जोरदार भाषण और ताकत दिखती है, तो बीजेपी-शिवसेना नेतृत्व अपने पलटवार के लिए रणनीति तैयार कर सकता है। यह सभा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में किसी भी पार्टी की रैली व्यापक प्रभाव डाल सकती है और मतदाताओं की मानसिकता पर असर डाल सकती है।
बीएमसी चुनाव में प्रमुख राजनीतिक गठबंधन इस प्रकार हैं:
- बीजेपी-शिवसेना और आरपीआई (आठवले)
- शिवसेना यूबीटी और मनसे + एनसीपी (शरदचंद्र पवार)
- कांग्रेस + वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA)
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार)
इन गठबंधनों की रणनीति और सभाओं की ताकत चुनावी नतीजों को सीधे प्रभावित कर सकती है। विशेष रूप से शिवाजी पार्क में होने वाली सभा को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला कर सकती है कि कौन सी पार्टी बीएमसी में सत्ता बनाए रखेगी। शिवाजी पार्क का चुनावी महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह मैदान हमेशा से मुंबई में राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन और जनसमर्थन को दिखाने का सबसे बड़ा केंद्र रहा है।
बीएमसी चुनावों की वोटिंग 15 जनवरी को होगी और नतीजे अगले दिन, 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रचार का अंतिम चरण 13 जनवरी तक चलेगा, लेकिन शिवाजी पार्क में होने वाली रैलियों का असर मतदान तक महसूस किया जा सकता है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की संयुक्त सभा के बाद बीजेपी और शिवसेना की सभा से राजनीतिक तनाव और भी बढ़ सकता है।
सत्ता की इस जंग में यह स्पष्ट हो गया है कि शिवाजी पार्क इस बार निर्णायक भूमिका निभाएगा। राजनीतिक पार्टियां अपनी आखिरी ताकत झोंक रही हैं, भाषणों और रैलियों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। जनता की नजरें अब इस ऐतिहासिक मैदान पर हैं कि आखिरी दिन कौन सी पार्टी अपने लिए बहुमत सुनिश्चित करेगी और बीएमसी का नया मेयर कौन होगा।
यह चुनाव सिर्फ आंकड़ों और सीटों का नहीं है, बल्कि यह शक्ति, रणनीति और जनसमर्थन की भी जंग है। शिवाजी पार्क में होने वाली रैलियां इसी जंग की अंतिम कड़ी हैं, जो मुंबई की राजनीति को अगले कई सालों तक प्रभावित करेंगी।