विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में पीएम मोदी का युवाओं को निर्णायक संदेश
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
विकसित-भारत-यंग-लीडर्स-डायलॉग-2026
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में पीएम मोदी ने युवाओं को नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का नेतृत्व सौंपा।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का मुख्य कर्ता और नेतृत्वकर्ता बताया।
दिल्ली/ विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश-विदेश से आए युवाओं को संबोधित करते हुए भारत के भविष्य में उनकी भूमिका को निर्णायक बताया। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप, इनोवेशन, शिक्षा, रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक आत्मविश्वास जैसे विषयों पर विस्तार से बात की। उन्होंने युवाओं को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का नेतृत्व सौंपते हुए आत्मनिर्भर और नवोन्मेषी सोच अपनाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का भविष्य उसकी युवा शक्ति के हाथों में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक, जब भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब का भारत आज के युवाओं की सोच, मेहनत और नवाचार का परिणाम होगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा युवाओं की क्षमता पर भरोसा किया है। मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक, उन्हें युवाओं की ऊर्जा से निरंतर प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी केवल अवसरों की प्रतीक्षा नहीं कर रही, बल्कि स्वयं अवसरों का निर्माण कर रही है।
स्वामी विवेकानंद की जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को जीवन का उद्देश्य, राष्ट्र प्रथम की भावना और समाज के प्रति जिम्मेदारी सिखाते हैं। इसी प्रेरणा के कारण 12 जनवरी को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री ने इस मंच को युवाओं का “थिंक वेब” बताते हुए कहा कि लाखों युवाओं की सामूहिक सोच किसी भी पारंपरिक थिंक टैंक से कहीं अधिक प्रभावशाली है। उन्होंने महिला नेतृत्व वाले विकास और लोकतंत्र में युवा सहभागिता जैसे विषयों पर प्रस्तुत विचारों की सराहना की।
उन्होंने 2014 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय नीति-निर्णय में देरी, अत्यधिक नियम और अवसरों की कमी युवाओं को निराश करती थी। नौकरी या व्यवसाय शुरू करना कठिन प्रक्रिया हुआ करती थी। लेकिन बीते एक दशक में सुधारों की श्रृंखला ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, टैक्स और कंप्लायंस सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं पहलों ने भारत में स्टार्टअप क्रांति को गति दी। 2014 में जहां गिने-चुने स्टार्टअप थे, वहीं आज भारत वैश्विक स्टार्टअप हब बन चुका है।
स्पेस सेक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि निजी भागीदारी खोलने के बाद 300 से अधिक स्पेस स्टार्टअप्स उभरे हैं। ड्रोन, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है और भारत आत्मनिर्भर रक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल क्रिएटर्स और “ऑरेंज इकोनॉमी” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज संस्कृति, कंटेंट और क्रिएटिविटी का वैश्विक केंद्र बन रहा है। उन्होंने युवाओं से भारतीय पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक विरासत को गेमिंग, फिल्म और डिजिटल माध्यमों के जरिए दुनिया तक पहुँचाने का आह्वान किया।
आर्थिक सुधारों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि टैक्स प्रणाली में बदलाव, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा सुधार और कौशल विकास पहलों से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। नई शिक्षा नीति, विदेशी विश्वविद्यालयों की भागीदारी और आईटीआई अपग्रेडेशन युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने मानसिक गुलामी से मुक्ति का संदेश देते हुए कहा कि भारत को अपनी विरासत, उत्पादों और क्षमताओं पर गर्व होना चाहिए। युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए दुनिया से सीखना चाहिए, लेकिन अपनी पहचान को कभी कमतर नहीं आंकना चाहिए। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से राज्यों और जिलों में भी ऐसे संवाद मंच विकसित करने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि युवा शक्ति भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।