BMC चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, 12 निलंबित पार्षद बीजेपी में शामिल

Thu 08-Jan-2026,11:41 AM IST +05:30

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BMC चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, 12 निलंबित पार्षद बीजेपी में शामिल Maharashtra-BMC-Election-Congress-Corporators-Join-BJP
  • अंबरनाथ विकास अघाड़ी के गठन से बीजेपी ने शिवसेना शिंदे गुट को राजनीतिक रूप से चुनौती दी।

  • रवींद्र चव्हाण के नेतृत्व में बीजेपी ने शहरी स्थानीय निकायों में संगठन विस्तार को नई गति दी।

Maharashtra / Nagpur :

महाराष्ट्र/ महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। खासतौर पर मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर सभी दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं। इसी बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के सभी 12 निलंबित पार्षद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए हैं, जिससे राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।

इन 12 पार्षदों को महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। बीजेपी में शामिल होने के बाद रवींद्र चव्हाण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि बीजेपी की विकासोन्मुखी, पारदर्शी और जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर इन नेताओं ने पार्टी का दामन थामा है। उन्होंने इसे बीजेपी के विस्तार और जनता के भरोसे का प्रतीक बताया।

दरअसल, ये सभी पार्षद ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद से जुड़े हुए हैं। अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के दौरान इन पार्षदों ने बीजेपी के सहयोग से “अंबरनाथ विकास अघाड़ी (AVA)” नामक मोर्चा बनाया था। कांग्रेस नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सभी 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया था। लंबे समय से ये नेता कांग्रेस से अलग-थलग चल रहे थे, और अब उन्होंने बीजेपी में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया है।

अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत से चार सीटें पीछे रह गई थी। बीजेपी ने इस मौके का राजनीतिक लाभ उठाते हुए कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी बनाई और निर्दलीय पार्षद के समर्थन से बहुमत हासिल कर लिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस पार्षदों का बीजेपी में जाना न सिर्फ ठाणे जिले में, बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। बीएमसी चुनाव से पहले इसे बीजेपी की बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।