Tamil Nadu / Chennai : Chennai / तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासी हलचल तेज हो गई है। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने बुधवार को बड़ा एलान किया कि उनकी पार्टी एआईएडीएमके के साथ मिलकर एनडीए गठबंधन में शामिल हो गई है। तमिलनाडु में एआईएडीएमके राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का नेतृत्व करती है। इस महत्वपूर्ण घोषणा से राज्य की राजनीतिक तस्वीर और चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
गठबंधन में शामिल होने के लिए अंबुमणि रामदास ने एआईएडीएमके के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी से उनके आवास पर औपचारिक मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पलानीस्वामी ने स्पष्ट किया कि पीएमके अब एनडीए में शामिल हो गई है और जल्द ही और भी पार्टियां इस गठबंधन में जुड़ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएमके के लिए सीटों का आवंटन तय हो चुका है, जिसकी जानकारी बाद में सार्वजनिक की जाएगी।
अंबुमणि रामदास ने कहा कि उनका उद्देश्य जनविरोधी सत्तारूढ़ डीएमके को हराना है। उन्होंने तमिलनाडु की जनता के उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जिनसे लोग नाराज हैं, जैसे महिलाओं की सुरक्षा, किसानों में असंतोष, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय। रामदास ने कहा कि डीएमके ने पिछले तीन चुनाव इसलिए जीते क्योंकि विपक्ष बिखरा हुआ था, लेकिन अब एनडीए में पीएमके शामिल होने के बाद यह स्थिति बदल सकती है।
पलानीस्वामी ने भी विश्वास जताया कि इस गठबंधन को मजबूत जनादेश मिलेगा और एआईएडीएमके अकेले के बहुमत से सरकार बनाने की स्थिति में होगी। उन्होंने साफ किया कि गठबंधन में शामिल होने के बाद सीटों के आवंटन और चुनावी रणनीति को लेकर सभी कदम सुव्यवस्थित तरीके से किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनाव टिकट दिलाने के लिए पैसे के बदले वादे करने वाले बिचौलियों और घोटालेबाजों से सतर्क रहने की चेतावनी दी।
पीएमके पार्टी पहले अपने संस्थापक डॉ. एस. रामदास और उनके बेटे अंबुमणि रामदास के बीच सत्ता संघर्ष के बाद विभाजित हो गई थी। पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए का हिस्सा थी। इस साल मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों में तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए मुकाबला तय है। अंबुमणि रामदास ने कहा कि डीएमके के शासन से जनता में नाराजगी बढ़ी है और एनडीए में शामिल होने के बाद यह गठबंधन लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पीएमके का एनडीए में शामिल होना गठबंधन को मजबूती देगा और चुनावी समीकरण बदल सकता है। पलानीस्वामी ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे घोटालेबाजों और बिचौलियों के झांसे में न आएं और चुनावी प्रक्रिया में ईमानदारी बनाए रखें। आने वाले विधानसभा चुनावों में एनडीए की रणनीति और गठबंधन का प्रभाव तमिलनाडु की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है।