गुरु नानक देव विश्वविद्यालय दीक्षांत में राष्ट्रपति ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का मंत्र दिया

Thu 15-Jan-2026,05:40 PM IST +05:30

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गुरु नानक देव विश्वविद्यालय दीक्षांत में राष्ट्रपति ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण का मंत्र दिया President-Murmu-GNDU-Convocation-Address-2026
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं को नैतिकता, ईमानदारी और समाज सेवा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।

  • दीक्षांत समारोह में ‘विकसित भारत’ के निर्माण में शिक्षा और युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

Punjab / Amritsar :

Punjab/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 15 जनवरी 2026 को पंजाब के अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को जीवन के व्यापक उद्देश्य समझाए। उन्होंने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ेंगे-कुछ सरकारी या निजी सेवाओं में जाएंगे, कुछ शोध, उच्च शिक्षा, शिक्षण या उद्यमिता को चुनेंगे। हालांकि, सभी क्षेत्रों में सफलता के लिए कुछ मूल गुण समान रूप से आवश्यक होते हैं।

राष्ट्रपति ने निरंतर सीखने की ललक, नैतिक मूल्यों के प्रति अडिगता, ईमानदारी, बदलाव को अपनाने का साहस, असफलताओं से सीखने की क्षमता, टीमवर्क, समय और संसाधनों का अनुशासित उपयोग जैसे गुणों को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में होना चाहिए। यही गुण युवाओं को एक जिम्मेदार नागरिक भी बनाते हैं।

उन्होंने छात्रों को यह भी याद दिलाया कि शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज के प्रति ऋण चुकाने का माध्यम भी है। जिन लोगों तक विकास की रोशनी नहीं पहुंची है, उनके उत्थान के प्रयास करना इस सामाजिक ऋण को चुकाने का प्रभावी तरीका है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा, अंतरिक्ष और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान यदि अनुसंधान को बढ़ावा दें, उद्योग-अकादमिक सहयोग मजबूत करें और सामाजिक रूप से उपयोगी नवाचारों को प्रोत्साहित करें, तो यह प्रगति और तेज हो सकती है।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पंजाब में बढ़ती मादक द्रव्यों की समस्या पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशे की लत सबसे अधिक युवाओं को प्रभावित कर रही है और यह समाज के स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और नैतिक ढांचे के लिए गंभीर चुनौती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में अगले दो दशक निर्णायक होंगे। भारत का भविष्य उन युवाओं पर निर्भर करता है जो वैज्ञानिक सोच रखते हैं, जिम्मेदारी से कार्य करते हैं और निस्वार्थ सेवा भाव अपनाते हैं। राष्ट्रपति ने उच्च शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया कि वे छात्रों में इन मूल्यों का विकास करें।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय श्री गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती के अवसर पर स्थापित हुआ और उनके उपदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने महिलाओं को समान अधिकार देने की गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह में छात्राओं की बड़ी संख्या महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र के हित में महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलना आवश्यक है।