नेपाल संसद शपथ 2026: 17 भाषाओं में सांसदों ने लिया पद और गोपनीयता की शपथ

Wed 25-Mar-2026,05:13 PM IST +05:30

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नेपाल संसद शपथ 2026: 17 भाषाओं में सांसदों ने लिया पद और गोपनीयता की शपथ Nepal-Parliament-2026-17-Languages-Oath
  • नेपाल के 274 नए सांसद 26 मार्च को शपथ लेंगे, जिसमें 47 सांसद अपनी मातृभाषा में शपथ लेने का निर्णय करेंगे।

  • यह पहल नेपाल की बहु-सांस्कृतिक पहचान और भाषाई समावेशिता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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Nepal/ नेपाल के संसदीय इतिहास में 26 मार्च 2026 का दिन बेहद खास बन गया है। नवनिर्वाचित प्रतिनिधि सभा के 274 सदस्य शपथ लेने के लिए तैयार हैं और इस बार का शपथ ग्रहण समारोह अपनी भाषाई विविधता के लिए चर्चा में है। नेपाल संसद सचिवालय के अनुसार 47 सांसदों ने नेपाली भाषा के बजाय अपनी मातृभाषाओं में शपथ लेने का निर्णय लिया है। इससे नेपाल की बहु-सांस्कृतिक पहचान और भाषाई समावेशिता का प्रतीक सामने आया है।

शपथ ग्रहण समारोह बुधवार से शुरू हुआ। नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन नरसिंह केसी ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से शपथ ली। संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार केसी गुरुवार दोपहर 2 बजे बाकी 274 सांसदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। प्रत्येक सदस्य के लिए शपथ लेना अनिवार्य है ताकि वे सदन या किसी समिति की बैठक में हिस्सा ले सकें।

इस बार संसद में कुल 17 भाषाओं में शपथ लेने का प्रावधान है। मैथिली भाषा में 14 सांसद शपथ लेंगे, जिनमें मनीष झा, मातृका प्रसाद यादव और अंकिता ठाकुर शामिल हैं। थारू भाषा में 7 सांसद, भोजपुरी में 3 सांसद शपथ लेंगे। इसके अलावा, खुशबू ओली संस्कृत में शपथ लेंगी। अन्य सांसद डोटेली, बजिका, मगही, अवधी, तामांग, बांतावा और चामलिंग जैसी अपनी मातृभाषाओं में शपथ लेंगे।

हर्क संपांग की श्रम संस्कृति पार्टी के सात सांसद चार अलग-अलग मातृभाषाओं में शपथ लेंगे, जबकि पार्टी अध्यक्ष हर्क संपांग नेपाली भाषा में शपथ लेंगे। विराज भक्त श्रेष्ठ और मदन कृष्ण श्रेष्ठ जैसे कई चर्चित नेता नेपाली भाषा को चुनेंगे।

नेपाल के संविधान में यह स्पष्ट प्रावधान है कि अगर कोई सांसद अपनी मातृभाषा में शपथ लेना चाहता है, तो उसे समय पर सचिवालय को सूचित करना होगा। इस कदम को नेपाल की बहु-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और भाषा समावेशिता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।