ओडिशा में बड़ी कामयाबी: मोस्ट वांटेड माओवादी सुकुरू सहित 5 ने किया सरेंडर
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कंधमाल में मोस्ट वांटेड माओवादी नेता सुकुरू सहित पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली।
ओडिशा पुलिस के दबाव और पुनर्वास नीति के चलते नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।
Odisha/ ओडिशा के Kandhamal जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है, जहां मोस्ट वांटेड माओवादी नेता Sukru ने चार अन्य उग्रवादियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह सरेंडर Odisha Police के समक्ष किया गया, जो लंबे समय से क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुकुरू कई नक्सली वारदातों में शामिल रहा है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में इनाम भी घोषित था। उसके साथ आत्मसमर्पण करने वाले अन्य चार नक्सली भी सक्रिय कैडर के सदस्य बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह सरेंडर सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे दबाव का परिणाम है। सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान के कारण नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है, जिससे वे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
पुलिस ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें सरकार की पुनर्वास योजना के तहत सहायता दी जाएगी। इसमें आर्थिक मदद, प्रशिक्षण और समाज में पुनर्स्थापन के अवसर शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सरेंडर से नक्सली संगठन कमजोर होंगे और क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में सकारात्मक असर पड़ेगा। कंधमाल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यह कदम सुरक्षा और विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करें।
यह घटनाक्रम राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में नक्सल विरोधी अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है।