मकर संक्रांति 14 जनवरी को, जानें इस पावन दिन दान से मिलने वाले शुभ फल
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खिचड़ी, तिल, गुड़ और गर्म कपड़ों का दान मकर संक्रांति पर विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना गया है।
मकर संक्रांति देशभर में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है, जो फसल, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है।
Nagpur/ हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व मकर संक्रांति इस वर्ष 14 जनवरी को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व सूर्य देव को समर्पित है और सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान और पूजा करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और सूर्य देव की उपासना करने से पापों का नाश होता है। यह पर्व प्रकाश, ऊर्जा, फसल और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे सकारात्मकता से जोड़ा जाता है।
देशभर में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है पर्व
भारत के विभिन्न हिस्सों में मकर संक्रांति अलग-अलग नामों से मनाई जाती है। उत्तर भारत में इसे मकर संक्रांति, दक्षिण भारत में पोंगल, असम में बिहू और पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति कहा जाता है। हर क्षेत्र में परंपराएं भिन्न हैं, लेकिन दान और पुण्य कर्म का भाव समान रहता है।
मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति पर किया गया दान अत्यंत फलदायी होता है। इस दिन खिचड़ी और अन्य अन्न का दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही गर्म कपड़े दान करने से भगवान प्रसन्न होते हैं।
चावल और उड़द की दाल का दान सूर्य देव को प्रसन्न करता है, जबकि गुड़ का दान कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करता है। काले तिल, सब्जियां, रुई, कपूर, रेवड़ी और मूंगफली का दान भी कल्याणकारी माना गया है। इन दानों से पितृ दोष शांत होते हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।