71 लाख का लक्ष्य पूर्ण कर आयोजन ने पार किया 78 लाख पार्थिव शिवलिंग का आंकड़ा

Tue 19-Aug-2025,01:15 PM IST +05:30

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71 लाख का लक्ष्य पूर्ण कर आयोजन ने पार किया 78 लाख पार्थिव शिवलिंग का आंकड़ा श्रावण सोमवार: 71 लाख का लक्ष्य पार, 78 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण का भव्य आयोजन
  • 71 लाख का लक्ष्य पूर्ण कर आयोजन ने पार किया 78 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण.

  • 83 वर्षीय जयश्री खांडेकर ‘माई’ के नेतृत्व में 51 महिला पुरोहितों का सामूहिक मंत्रोच्चारण.

  • 24 अगस्त को पूर्णाहुति यज्ञ, हवन और महाप्रसाद में सभी भक्तों को आमंत्रण.

Maharashtra / Nagpur :

Nagpur / ॐ नमः शिवाय।
श्रावण मास का महत्व अपने आप में अद्वितीय है और इसी पुण्य माह के अंतिम सोमवार को शिव आराधना का एक अद्भुत और ऐतिहासिक दृश्य सामने आया। 83 वर्षीय जयश्री खांडेकर, जिन्हें स्नेहपूर्वक माई कहा जाता है, ने अपने अटूट संकल्प और दिव्य नेतृत्व से पूरे आयोजन को एक नई ऊँचाई दी। तीन बार कैंसर को मात देने के बाद भी वे निरंतर शिव साधना और वैदिक परंपरा को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं। इस दिन उनके नेतृत्व में 51 बहनों ने पौरोहित्य करते हुए पंचाक्षर मंत्र, शिव महिम्न स्तोत्र और रुद्राष्टक का सस्वर सामूहिक वाचन किया। इस मंत्रोच्चारण की मधुर ध्वनि ने वातावरण को रस और माधुर्य से भर दिया तथा सबको पुरातन मातृ शक्ति की विद्वत्ता और वैदिक ज्ञान की याद दिला दी।

इसी पावन आयोजन के बीच पार्थिव शिवलिंग निर्माण का कार्य अपने चरम पर पहुंचा। आज के दिन कुल 6,60,970 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण हुआ, जिससे आयोजन की कुल संख्या 78,05,382 (अठहत्तर लाख पाँच हजार तीन सौ बयासी) पर पहुंच गई। इस प्रकार, पूर्व निर्धारित 71 लाख का लक्ष्य पार करते हुए आयोजन ने नया कीर्तिमान रचा।

प्रातःकालीन महारुद्राभिषेक का आयोजन सर्वश्री मनोज सिंह, मधुलिका सिंह, देवांश सिंह, गिरीशमा सिंह, दीपक पाण्डेय, निशि सिंह, खुशी सिंह, रविकांत ठाकुर, मनोरमा सिंह, श्रद्धा शर्मा, अर्चना सिंह, यशराज सिंह और शिवम् सिंह के शुभ हस्तों से संपन्न हुआ। वहीं सायंकालीन अभिषेक सर्वश्री सुधाकर कोहडे, नरेश बर्डे, साधना बर्डे और संदीप जाधव द्वारा सम्पन्न किया गया।

आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें मातृशक्ति की भागीदारी सर्वाधिक रही। वैदिक मंत्रोच्चारण में महिलाओं की अग्रणी भूमिका ने इस धार्मिक अनुष्ठान को और भी ऐतिहासिक बना दिया।

आयोजन समिति की ओर से जानकारी दी गई कि 23 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग निर्माण को विश्रांति दी जाएगी। तत्पश्चात 24 अगस्त प्रातः 9 बजे से पूर्णाहुति यज्ञ एवं हवन का आयोजन होगा। दोपहर 3 बजे से महाप्रसाद प्रारंभ होगा, जिसमें समस्त भक्तजन अपने परिवार सहित सम्मिलित हो सकते हैं।

इस भव्य आयोजन ने न केवल शिवभक्ति की धारा को प्रवाहित किया बल्कि यह संदेश भी दिया कि अडिग आस्था, सामूहिक सहभागिता और मातृशक्ति का संकल्प किसी भी साधना को असाधारण बना सकता है।