MOSPI की राष्ट्रीय कार्यशाला: प्रशासनिक आंकड़ों के सामंजस्य पर मंथन

Sat 21-Feb-2026,02:13 PM IST +05:30

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MOSPI की राष्ट्रीय कार्यशाला: प्रशासनिक आंकड़ों के सामंजस्य पर मंथन MOSPI-National-Workshop-Administrative-Data-Harmonization-2026
  • प्रशासनिक आंकड़ों के सामंजस्य के जरिए राज्य और केंद्र स्तर पर नीति निर्माण को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की पहल।

  • “विकास के लिए डेटा” राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन से पहले राज्यों के साथ व्यापक विचार-विमर्श और सुधार क्षेत्रों की पहचान का प्रयास।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) 24 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में “शासन के लिए प्रशासनिक आंकड़ों का उपयोग: राज्य स्तर पर विभागीय आंकड़ों का सामंजस्य” विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ बनाना और नीति निर्माण में विश्वसनीय प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना है। यह कार्यशाला आगामी राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की तैयारी का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

यह कार्यशाला अप्रैल 2026 में प्रस्तावित “विकास के लिए डेटा” विषयक राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन से पूर्व आयोजित की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि यह पहल दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों के अनुपालन में की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक डेटा प्रणालियों को मजबूत करना और राज्य व केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर विभागीय आंकड़ों में समन्वय स्थापित करना है।

कार्यशाला के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के योजना एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभागों के अधिकारी, केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक भाग लेंगे। इसमें प्रशासनिक आंकड़ों के संग्रह, सत्यापन, साझा उपयोग और नीति निर्माण में उनकी भूमिका पर गहन चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ सफल मॉडल और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेंगे, जिससे डेटा-आधारित शासन को बढ़ावा मिल सके।

मंत्रालय के अनुसार, राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली आंतरिक कार्यशालाओं से प्राप्त सुझावों और अनुभवों को अप्रैल 2026 के राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में समेकित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों की पहचान कर एक संरचित राष्ट्रीय एजेंडा तैयार किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि विभागीय आंकड़ों का प्रभावी सामंजस्य न केवल नीति निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल डेटा-संचालित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।