उज्जैन में श्रीमहाकाल महोत्सव शुरू, शंकर महादेवन ने दी सुरमयी शुरुआत

Thu 15-Jan-2026,05:05 PM IST +05:30

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उज्जैन में श्रीमहाकाल महोत्सव शुरू, शंकर महादेवन ने दी सुरमयी शुरुआत Ujjain-Shri-Mahakal-Festival-2026
  • उज्जैन में शुरू हुआ पांच दिवसीय श्रीमहाकाल महोत्सव, संगीत, लोककला और अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों का संगम

  • पहले दिन शंकर महादेवन ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुरमयी प्रस्तुति से मोहा

Madhya Pradesh / Ujjain :

Ujjain/ भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर धर्म, संस्कृति और संगीत के रंग में रंग गई है। मंगलवार से विश्वप्रसिद्ध श्रीमहाकाल महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। पांच दिन तक चलने वाले इस सांस्कृतिक उत्सव में लोककलाओं, शास्त्रीय संगीत और अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। महोत्सव के पहले दिन प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन ने बाबा महाकाल के दर्शन कर अपनी सुरमयी प्रस्तुति से उत्सव की शुरुआत की।

शाम 7 बजे से शुरू होंगे सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम

श्रीमहाकाल महोत्सव का आयोजन श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय परिसर में किया जा रहा है। यह आयोजन वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हो रहा है। महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार शाम 7 बजे किया। यह भव्य आयोजन 14 से 18 जनवरी तक चलेगा, जहां कला, संस्कृति, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

पांच दिन सजेगा कला और संस्कृति का महाकुंभ

महोत्सव के दूसरे दिन यानी 15 जनवरी को मुंबई का प्रसिद्ध द ग्रेट इंडियन क्वायर ‘शिवा’ विषय पर अपनी प्रस्तुति देगा। तीसरे दिन 16 जनवरी को सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी।
चौथे दिन 17 जनवरी को इंदौर के श्रेयश शुक्ला और मुंबई के विपिन अनेजा अपने बैंड के साथ सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगे। वहीं अंतिम दिन 18 जनवरी को इंडोनेशिया और श्रीलंका के सांस्कृतिक दल भगवान शिव पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर महोत्सव का भव्य समापन करेंगे।

हर दिन निकलेगी कला यात्रा, दिखेगी लोकसंस्कृति की झलक

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति और जनजातीय परंपराओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्य शामिल हैं।
इसके साथ ही प्रतिदिन शहर के विभिन्न मार्गों से कला यात्रा निकाली जाएगी, जो श्रीमहाकाल महालोक तक पहुंचेगी। इस यात्रा में शिव बारात, डमरू वादन, मलखंब और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।