मकर संक्रांति 2026: प्रयागराज, अयोध्या और गंगासागर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Wed 14-Jan-2026,01:37 PM IST +05:30

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मकर संक्रांति 2026: प्रयागराज, अयोध्या और गंगासागर में उमड़ा आस्था का सैलाब
  • मकर संक्रांति 2026 पर प्रयागराज माघ मेले का दूसरा स्नान, अयोध्या और गंगासागर में लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।

  • अयोध्या के सरयू घाट और पश्चिम बंगाल के गंगासागर में भी मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

  • दो दिन की तिथि के कारण देश के कई हिस्सों में 14 और 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जा रही है।

Uttar Pradesh / Prayagraj (Allahabad) :

प्रयागराज/ देशभर में आज, 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पावन पर्व श्रद्धा, आस्था और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ जुड़े इस पर्व पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और सूर्य उपासना का विशेष महत्व है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले का दूसरा प्रमुख स्नान आज हो रहा है, जहां त्रिवेणी संगम पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

मकर संक्रांति के अवसर पर देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। इस वर्ष तिथि दो दिन पड़ने के कारण कई राज्यों में यह पर्व 14 और 15 जनवरी दोनों दिन मनाया जा रहा है। खास तौर पर प्रयागराज, अयोध्या और पश्चिम बंगाल के गंगासागर में भव्य धार्मिक दृश्य देखने को मिल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का दूसरा पवित्र स्नान आज संपन्न हो रहा है। सुबह तड़के से ही त्रिवेणी संगम के घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। माघ मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार, सुबह 6 बजे तक लगभग 9.5 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। उन्होंने बताया कि एकादशी और मकर संक्रांति की संयोगवश पड़ रही तिथि के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के साथ दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में स्नान कर अन्न, वस्त्र और धन का दान भी कर रहे हैं।

वहीं, अयोध्या में सरयू नदी के घाटों पर भी मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

इधर, पश्चिम बंगाल के गंगासागर में भी मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया गया है। गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्नान करने के लिए देशभर से साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचे हैं। गंगासागर मेला, कुंभ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है। श्रद्धालु यहां सूर्य देव की पूजा कर मोक्ष और कल्याण की कामना कर रहे हैं। कुल मिलाकर, मकर संक्रांति ने एक बार फिर देशभर में आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया है।