राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026: AIIA ने आयुर्वेद स्टार्टअप्स को दिया MSME मंच

Sat 17-Jan-2026,04:11 PM IST +05:30

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राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026: AIIA ने आयुर्वेद स्टार्टअप्स को दिया MSME मंच AIIA-Ayurveda-Startup-MSME-Awareness-2026
  • राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस 2026 पर AIIA ने आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स के लिए MSME अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

  • AIIA-ICAINE आयुर्वेद उद्यमिता को विकसित भारत और टिकाऊ स्वास्थ्य समाधान से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने अपने आयुर्वेद इनोवेशन एंड एंटरप्रिन्योरशिप इनक्यूबेशन सेंटर (AIIA-ICAINE) के माध्यम से आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स के लिए एमएसएमई अवसरों पर एक सफल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय के सहयोग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में नीति निर्माता, शिक्षाविद, स्टार्टअप समर्थक, शोधकर्ता और युवा उद्यमी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र आयुर्वेद और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा से जुड़े नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त करना और पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अरुण कुमार के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने आयुर्वेद क्षेत्र में नवाचार आधारित उद्यमिता की आवश्यकता और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद एमएसएमई के उप निदेशक श्री सुनील कुमार ने आयुर्वेद आधारित उद्यमों के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और पंजीकरण प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की।

प्रो. मंजुषा राजगोपाला ने आयुर्वेदिक संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक एवं संस्थागत दृष्टिकोण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान, शिक्षा और स्टार्टअप संस्कृति के समन्वय से आयुर्वेद वैश्विक स्वास्थ्य समाधान के रूप में उभर सकता है।

कार्यक्रम का मुख्य भाषण एमएसएमई के संयुक्त निदेशक डॉ. आर.के. भारती ने दिया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स और एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए मजबूत, नीति-समर्थित तंत्र आवश्यक है, विशेषकर पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में। उन्होंने सरकार की दीर्घकालिक रणनीतियों और विकसित भारत के लक्ष्य से आयुर्वेदिक उद्यमिता को जोड़ने पर जोर दिया।

तकनीकी सत्रों में डीपीआईआईटी की पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक सुश्री संगीता नागर ने बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के महत्व पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि पेटेंट, ट्रेडमार्क और डिजाइन संरक्षण स्टार्टअप्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं सिडबी की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री ज्योति नीरज ने स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए उपलब्ध वित्तपोषण विकल्पों, ऋण योजनाओं और निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का समापन AIIA-ICAINE के सीईओ श्री सुजीत एरानेझथ और एमएसएमई के सहायक निदेशक श्री नवीन कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स को समर्थन देने की संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।

यह आयोजन आयुर्वेद पर आधारित एक मजबूत, नवाचार-संचालित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय से मान्यता प्राप्त AIIA-ICAINE, नवप्रवर्तकों को उनके विचारों को प्रभावशाली और टिकाऊ उद्यमों में बदलने के लिए निरंतर सशक्त कर रहा है।