पराक्रम दिवस पर पीएम मोदी ने नेताजी बोस को नमन

Fri 23-Jan-2026,01:16 PM IST +05:30

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पराक्रम दिवस पर पीएम मोदी ने नेताजी बोस को नमन PM-Modi-Parakram-Diwas-Netaji-Subhash-Chandra-Bose
  • पीएम मोदी ने नेताजी से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं, योजनाओं और स्मृति स्थलों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को रेखांकित किया।

  • नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस घोषित करना और इंडिया गेट पर प्रतिमा स्थापित करना नई राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया गया।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ पराक्रम दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट की श्रृंखला के माध्यम से नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन किया। उन्होंने कहा कि नेताजी का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पण करने का अनुपम उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि नेताजी का निडर नेतृत्व केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस से उन्हें व्यक्तिगत रूप से सदैव प्रेरणा मिली है। उन्होंने 23 जनवरी 2009 को शुरू की गई ई-ग्राम विश्वग्राम योजना को याद किया, जो गुजरात के आईटी क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली पहल थी। यह योजना हरिपुरा से आरंभ की गई थी, जो नेताजी के जीवन से गहराई से जुड़ा स्थान है। प्रधानमंत्री ने हरिपुरा के लोगों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत और उसी ऐतिहासिक मार्ग पर आयोजित शोभायात्रा को भावुक होकर याद किया, जिस पर कभी नेताजी स्वयं चले थे।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2012 में अहमदाबाद में आयोजित आज़ाद हिंद फौज दिवस कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नेताजी से प्रेरित लोगों की उपस्थिति से ऐतिहासिक बन गया था, जिसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी. ए. संगमा जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए थे।

बीते वर्षों पर चिंतन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के गौरवशाली योगदान को लंबे समय तक उपेक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि दशकों तक शासन करने वालों के एजेंडे में नेताजी की स्मृति को सम्मान देना शामिल नहीं था, लेकिन वर्तमान दृष्टिकोण इससे बिल्कुल भिन्न है। उन्होंने बताया कि नेताजी से जुड़ी फाइलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करना इसी सोच का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2018 को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसी वर्ष लाल किले पर आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई और उन्हें तिरंगा फहराने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने आईएनए के वरिष्ठ नेता ललती राम जी से हुई बातचीत को भी स्मरण किया।

उन्होंने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में श्रीविजयपुरम में तिरंगा फहराने और तीन द्वीपों के नाम बदलने की घटना का उल्लेख किया, जिनमें रॉस द्वीप को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप नाम दिया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लाल किले स्थित क्रांति मंदिर संग्रहालय में नेताजी बोस और आईएनए से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस घोषित करना और इंडिया गेट के समीप उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करना औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति और सच्ची श्रद्धांजलि का प्रतीक है।