इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले गुवाहाटी में ह्यूमन कैपिटल बैठक
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गुवाहाटी में ह्यूमन कैपिटल वर्किंग ग्रुप बैठक, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले मानव संसाधन रणनीति को मजबूत करेगी।
शिक्षा सुधार, कौशल विकास और जेंडर-संवेदनशील एआई रणनीतियों पर राष्ट्रीय व क्षेत्रीय स्तर की गहन चर्चा होगी।
बैठक से प्राप्त सुझाव भारत के एआई-सक्षम और भविष्य-तैयार कार्यबल निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
गुवाहाटी/ गुवाहाटी में 5–6 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली ह्यूमन कैपिटल वर्किंग ग्रुप की बैठक, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले भारत की एआई रणनीति को नई दिशा देने जा रही है। यह बैठक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, असम सरकार और आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से हो रही है। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शिक्षा, कौशल विकास और कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करना है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले गुवाहाटी में ह्यूमन कैपिटल वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत इंडिया एआई, असम सरकार और आईआईटी गुवाहाटी के सहयोग से आईआईटी गुवाहाटी परिसर में होगी। इस वर्किंग ग्रुप की अध्यक्षता भारत सरकार के पूर्व एआईसीटीई अध्यक्ष और ह्यूमन कैपिटल वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष प्रो. टी. जी. सीताराम करेंगे।
बैठक में वरिष्ठ नीति-निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और प्रैक्टिशनर्स भाग लेंगे, जो एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षा प्रणाली, कौशल विकास और कार्यबल की तैयारियों पर व्यापक चर्चा करेंगे। उद्घाटन सत्र में प्रो. टी. जी. सीताराम द्वारा समिट संबोधन दिया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के अंतर्गत ह्यूमन कैपिटल विज़न को प्रस्तुत किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में असम सरकार की ओर से विशेष मुख्य सचिव श्री सैयदैन अब्बासी, प्रधान सचिव (आईटी) श्री के. एस. गोपीनाथ नारायण और आईटी विभाग के निदेशक श्री अश्वनी कुमार की सहभागिता रहेगी। वहीं, शैक्षणिक जगत से आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. जलिहाल, पूर्व निदेशक प्रो. गौतम बरुआ और इंडिया एआई से संयुक्त निदेशक सुश्री शिखा दहिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
ह्यूमन कैपिटल वर्किंग ग्रुप की यह बैठक एआई को एक सार्वजनिक उपयोगिता के रूप में देखने के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसका फोकस इस बात पर है कि एआई के कारण कार्यबल में हो रहे बदलावों को समावेशी, स्केलेबल और जिम्मेदार तरीके से कैसे अपनाया जाए। चर्चाओं में शिक्षा सुधार, जेंडर-रिस्पॉन्सिव एआई रणनीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में मानव क्षमताओं के सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यसूची में कई विशेषज्ञ पैनल चर्चाएं शामिल हैं, जिनमें एआई संक्रमण के लिए लैंगिक-संवेदनशील रणनीतियाँ, संज्ञानात्मक युग के अनुरूप शिक्षा की पुनर्कल्पना, राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन, और एआई शिक्षा के लिए रिवर्स इंजीनियरिंग दृष्टिकोण जैसे विषय प्रमुख हैं। इन सत्रों के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि भारत किस प्रकार अपनी शिक्षा प्रणालियों और कौशल विकास ढांचे को एआई-सक्षम अर्थव्यवस्था के अनुरूप ढाल सकता है।
गुवाहाटी में आयोजित यह बैठक 15–20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए एक अहम क्षेत्रीय और विषयगत तैयारी मंच साबित होगी। इस वर्किंग ग्रुप से निकलने वाले निष्कर्ष समिट में होने वाले विमर्श को दिशा देंगे और भारत को एआई के साथ आगे बढ़ने में सक्षम, भविष्य-तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगे।