छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 80 लाख अंडों का उत्पादन
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अमेरिका, इजरायल और ईरान के तनाव के कारण कुवैत को भारत से अंडों का निर्यात बंद, छत्तीसगढ़ में अतिरिक्त स्टॉक बना।
छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 80 लाख अंडों का उत्पादन, गर्मी में मांग कम होने से कीमतों में तेजी से गिरावट।
Raipur/ छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख अंडा उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य में प्रतिदिन करीब 80 लाख अंडों का उत्पादन होता है। इसमें से लगभग 45 से 50 प्रतिशत अंडे अन्य राज्यों को भेजे जाते हैं, जबकि बाकी की खपत राज्य के भीतर होती है। गर्मी के मौसम में मांग कम होने और उत्पादन जारी रहने के कारण अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ रहा है।
अंडों की कीमतों में भी बड़ा असर पड़ा है। सर्दियों के मौसम में जहां रिटेल बाजार में अंडे 8.50 रुपये प्रति अंडा बिकते थे, वहीं अब थोक बाजार में एक दर्जन अंडे लगभग 60 रुपये में मिल रहे हैं और रिटेल में कीमत करीब 5.50 रुपये प्रति अंडा हो गई है। पोल्ट्री फार्म में अंडे की कीमत केवल 3.75 रुपये प्रति अंडा रह गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निर्यात और स्टॉक की स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में कीमतें और गिर सकती हैं।
कुवैत को अंडे का निर्यात फिलहाल बंद होने के कारण दक्षिण भारत के राज्यों से सस्ते अंडे छत्तीसगढ़ के बाजार में आ रहे हैं। इससे छत्तीसगढ़ के अंडों की मांग कम हो गई है। पहले प्रदेश से रोजाना 40 से 45 लाख अंडे अन्य राज्यों को भेजे जाते थे, लेकिन अब यह संख्या लगभग आधी रह गई है।
पोल्ट्री व्यवसायी धनराज बैनर्जी के अनुसार, निर्यात बंद होने और अन्य राज्यों से सस्ते अंडों के आने के कारण छत्तीसगढ़ में रोजाना लगभग 20 लाख अंडों का अतिरिक्त स्टॉक बन रहा है। यह स्थिति न केवल व्यापारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतों में अस्थिरता पैदा कर रही है।
सरकार और उद्योग विशेषज्ञों का सुझाव है कि उत्पादन के साथ-साथ वितरण और निर्यात की योजना को पुनर्गठित किया जाए, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे और अंडों की कीमतें स्थिर हों।