तत्कालीन निगरानी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति फेंसिंग के पास घूमते हुए देखा गया। जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने भागने की कोशिश की। हालांकि, सीमा पर तैनात मुस्तैद BSF कर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके पास से छिपाकर रखे गए छह सोने के बिस्कुट बरामद हुए, जिनका वजन लगभग 700 ग्राम था और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि यह सोना उसे एक बांग्लादेशी संपर्क ने सौंपा था और उसे यह खेप सीमा पर गेड़े आउटपोस्ट के पास किसी अन्य व्यक्ति को डिलीवर करनी थी। आरोपी ने बताया कि वह केवल कैरियर के रूप में काम कर रहा था और इसके बदले उसे मोटी रकम मिलने वाली थी। BSF ने बरामद सोने और आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित सीमा शुल्क विभाग और स्थानीय पुलिस को सौंप दिया।
इस घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। BSF अधिकारियों का कहना है कि नए साल और त्योहारों के समय तस्कर अक्सर सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन सीमा पर तैनात जवान हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। सुरक्षा बल ने यह स्पष्ट किया कि सोने की तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ सतर्कता लगातार जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न सिर्फ सोने की तस्करी को नाकाम करने में सफल रही, बल्कि सीमा पार अपराध के नेटवर्क पर भी ध्यान खींचती है। इस तरह की गिरफ्तारी और नियंत्रण से स्थानीय समुदायों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है और अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वाले तस्करों को चेतावनी भी मिलती है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि सीमा सुरक्षा बल न सिर्फ भारत की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि तस्करी, अपराध और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े खतरों के खिलाफ भी सतर्क हैं। भविष्य में ऐसे प्रयासों से तस्करों के रास्ते और योजनाएं बाधित होंगी और सीमा पर कानून का शासन मजबूत रहेगा।
इस कार्रवाई की सफलता ने साबित कर दिया कि खुफिया जानकारी, सतर्क निगरानी और प्रशिक्षित जवान मिलकर किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं, जिससे सीमापार अपराधियों को संदेश मिलता है कि भारत की सीमाओं पर कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।