किशनगंज के 15 वर्षीय लड़के की बंधुआ मजदूरी पर NHRC ने लिया संज्ञान
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लड़के को गौतम बुद्ध नगर में आठ महीने तक मवेशी चराने और चारा काटने का काम कराया गया।
NHRC ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकारियों को रिपोर्ट पेश करने के लिए नोटिस जारी किया।
Bahadurgarh railway station/ मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि लड़का ट्रेन से उतरकर पानी लेने गया था, लेकिन भीड़ के कारण ट्रेन छूट गई। इसके बाद एक व्यक्ति ने उसे नौकरी दिलाने के बहाने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में ले जाकर मवेशी चराने और चारा काटने का काम कराया। इस दौरान लड़के को लगातार शारीरिक यातनाएं दी गईं और जब उसने भागने की कोशिश की, तो उसे पकड़कर पीटा गया।
बंधुआ मजदूरी के दौरान एक दुर्घटना में लड़के का बायां हाथ चारा काटने वाली मशीन में फंसकर कोहनी से कट गया। इलाज न कराने के बावजूद उसे सड़क पर छोड़ दिया गया। कुछ समय बाद अज्ञात व्यक्ति उसे हरियाणा के नूह जिले के अस्पताल में ले गया। वहां से वह भाग निकला और तीन किलोमीटर नंगे पैर चलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचा। अंततः सरकारी शिक्षकों की मदद से पुलिस को सूचना मिली और अगस्त 2025 में लड़का अपने घर किशनगंज लौट सका।
NHRC ने हरियाणा के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के पुलिस आयुक्त और बिहार के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित को केंद्रीय बंधुआ मजदूर पुनर्वास योजना-2021 के तहत प्रमाण पत्र और दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिया गया है या नहीं।