दिल्ली में बुजुर्ग महिला से 1.34 करोड़ की साइबर ठगी, पुलिस ने दर्ज की FIR
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Delhi-Cyber-Fraud
बुजुर्ग महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी.
कुल 1.34 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों से ट्रांसफर.
पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की.
Delhi / दिल्ली में एक बुजुर्ग महिला के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर में चिंता और चर्चा को जन्म दिया है। शिकायतकर्ता मोनिका मनचंदा ने पुलिस को बताया कि उनकी मां, जो 85 वर्ष की हैं, 6 नवंबर 2025 को WhatsApp पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वालों ने खुद को दरियागंज थाने का पुलिस अधिकारी बताया और बुजुर्ग महिला को डराने के लिए डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी।
ठगों ने करीब एक महीने तक लगातार महिला को परेशान किया और पैसों की मांग की। इस दौरान महिला को डराने और धमकाने के लिए कई तरीके अपनाए गए। इसके प्रभाव में महिला ने चार बार बैंक जाकर अलग-अलग खातों में कुल 1.34 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसमें सबसे बड़ी राशि एक्सिस बैंक में 1.20 करोड़ रुपए, इंडसइंड बैंक में 8 लाख, SBI में 5 लाख और फेडरल बैंक में 1.93 लाख रुपए शामिल थी।
ठगों ने सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि महिला का आधार कार्ड और PAN कार्ड भी हासिल कर लिया, जिससे उनकी पहचान का दुरुपयोग किया जा सके। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इस ठगी की रकम कई बैंकों के खातों में भेजी गई थी, जिससे ट्रैक करना और भी मुश्किल हो गया।
इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 25 दिसंबर 2025 को मोनिका मनचंदा की शिकायत पर स्पेशल सेल में FIR दर्ज की। इस FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी), 319 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 308 (जबरन वसूली) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि ठगी की यह बड़ी रकम और महिला के व्यक्तिगत दस्तावेज़ों के गलत इस्तेमाल की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर जानकारी और सतर्कता बहुत जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश या ईमेल के माध्यम से वित्तीय या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बुजुर्ग नागरिकों को डिजिटल माध्यमों में अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है और परिवारिक सदस्य उन्हें इस बारे में सलाह दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में ठग अक्सर डर और धमकी का सहारा लेकर लोगों से पैसे और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ ले लेते हैं। इसलिए समय रहते पुलिस और संबंधित बैंक से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि डिजिटल और बैंकिंग सुरक्षा के प्रति जागरूकता न केवल बुजुर्गों, बल्कि सभी नागरिकों के लिए जरूरी है।
दिल्ली पुलिस अब ठगों का पता लगाने और उन्हें कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाने के लिए कई बैंकों और साइबर सेल के साथ सहयोग कर रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और ठगी के शिकार महिला को न्याय मिलेगा। इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर किया है और नागरिकों के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया है।