लखीमपुर-धर्मांतरण मामला: फूलबेहड़ थाने में चार नामजद लोगों के खिलाफ FIR

Sun 11-Jan-2026,11:46 PM IST +05:30

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लखीमपुर-धर्मांतरण मामला: फूलबेहड़ थाने में चार नामजद लोगों के खिलाफ FIR Lakhimpur-Crime-News
  • लखीमपुर फूलबेहड़ में धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज.

  • चार नामजद आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई.

  • पुलिस कर रही मामले की गहन जांच.

Uttar Pradesh / Lakhimpur :

Lakhimpur / लखीमपुर के फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर एक विवादित घटना सामने आई, जिसमें पुलिस ने चार नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। शिकायत में बताया गया है कि प्रार्थी लंबे समय से स्वास्थ्य लाभ के लिए ग्राम सुरजीपुरवा, ग्राम सभा रामनगर खुर्द, कोतवाली फूलबेहड़ स्थित रामचंदी के आवास पर जाता रहा। 09 जनवरी 2026 को रामसहारे के बुलाने पर वहां ईसाई मिशनरियों द्वारा लगभग 70 लोगों को इकट्ठा किया गया और प्रार्थी के सामने धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू की गई।

प्रार्थी ने FIR में कहा कि रामचन्दी, रामसहारे, विजयपाल और पादरी ने हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी की, मूर्तियों को खंडित किया और लोगों को हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई बनने के लिए उकसाया। सभा के बाद प्रार्थी को 5000 रुपए, राशन, औषधि, बाइबिल और क्रॉस चिन्ह देकर धर्म परिवर्तन की पेशकश की गई। प्रार्थी ने विरोध किया, लेकिन चारों आरोपियों ने जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला।

FIR में यह भी उल्लेख है कि आरोपी प्रार्थी को ईसाई बनने के लिए अपने घर से हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों को हटाने और फेंकने के लिए कहा। प्रार्थी ने इसके बावजूद इसका विरोध किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों रामचन्दी, रामसहारे, विजयपाल और पादरी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह मामला न सिर्फ धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़ा है, बल्कि समाज में विवाद और अशांति फैलाने की आशंका को भी बढ़ाता है। पुलिस ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और FIR दर्ज करना आवश्यक था, ताकि मामले का उचित निपटारा हो सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आरोपियों की भूमिका, सभा में किए गए कृत्य और लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के सबूतों को प्रमुखता से देखा जाएगा।

यह घटना स्थानीय लोगों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है और प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि किसी भी व्यक्ति को धर्मांतरण के लिए जबरदस्ती न किया जाए। इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस सक्रिय है और सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

इस प्रकार यह मामला धार्मिक और कानूनी दृष्टिकोण दोनों से महत्वपूर्ण है, और पुलिस इसे संवेदनशीलता से संभाल रही है ताकि किसी प्रकार का सामाजिक तनाव पैदा न हो।