मुंबई में मोदी-मैक्रों बैठक: रक्षा, AI और इंडो-पैसिफिक पर फोकस

Tue 17-Feb-2026,11:46 AM IST +05:30

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मुंबई में मोदी-मैक्रों बैठक: रक्षा, AI और इंडो-पैसिफिक पर फोकस Modi-Macron-Mumbai-Meeting-Defence-AI
  • मोदी-मैक्रों बैठक में राफेल, हैमर मिसाइल और दस वर्षीय रक्षा सहयोग समझौते पर चर्चा, सह-विकास और सह-उत्पादन मॉडल को बढ़ावा।

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष और डिजिटल तकनीक में साझेदारी बढ़ाने के लिए ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का शुभारंभ।

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai/ मुंबई में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। इस उच्चस्तरीय वार्ता में रक्षा सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और उभरती तकनीकों पर व्यापक चर्चा होगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति का तीन दिवसीय भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है।

भारत-फ्रांस संबंधों में रक्षा क्षेत्र लंबे समय से केंद्रीय भूमिका निभाता रहा है। Dassault Aviation द्वारा निर्मित Dassault Rafale लड़ाकू विमानों की खरीद ने दोनों देशों के रक्षा संबंधों को मजबूत आधार दिया। अतिरिक्त राफेल विमानों की संभावित खरीद को लेकर भी चर्चा है, जिससे भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही रखरखाव, प्रशिक्षण, स्पेयर पार्ट्स आपूर्ति और तकनीकी सहयोग में दीर्घकालिक तालमेल की दिशा में प्रगति की उम्मीद है।

रक्षा मंत्रियों के स्तर पर भी महत्वपूर्ण बातचीत प्रस्तावित है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वौत्रिन भविष्य की रक्षा रूपरेखा पर विचार-विमर्श करेंगे। सूत्रों के अनुसार, रक्षा सहयोग समझौते को अगले दस वर्षों के लिए नवीनीकृत करने और ‘हैमर’ मिसाइलों के संयुक्त विनिर्माण पर सहमति बन सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस अब भारत के लिए पारंपरिक खरीदार-विक्रेता संबंध से आगे बढ़कर सह-विकास और सह-उत्पादन आधारित रणनीतिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। दशकों तक रूस प्रमुख रक्षा सहयोगी रहा, लेकिन बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच फ्रांस उच्च तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन मॉडल पर जोर दे रहा है।

रक्षा से परे, दोनों नेता ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ की शुरुआत करेंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दे भी वार्ता के केंद्र में हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। मुंबई में यह बैठक आने वाले वर्षों में भारत-फ्रांस संबंधों की रणनीतिक दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।