के.के. नैयर स्मारक व्याख्यान 2026: भारत की समुद्री दृष्टि पर जोर
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
KK-Nayar-Memorial-Lecture-2026-India-Maritime-Vision
नौसेना प्रमुख ने भारत की दोहरी सुरक्षा जिम्मेदारी और अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा में 70 से अधिक देशों की भागीदारी को वैश्विक मान्यता का संकेत बताया।
एन.आर. नारायण मूर्ति ने भारत की समुद्री शक्ति, प्रौद्योगिकी नवाचार और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया।
New Delhi/ नई दिल्ली में 16 फरवरी 2026 को आयोजित वाइस एडमिरल के.के. नैयर स्मारक व्याख्यान ने भारत की समुद्री सोच, राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक भविष्य पर गहन विमर्श का मंच प्रदान किया। यह आयोजन राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ, जिसमें नौसेना, रणनीतिक समुदाय और उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में समुद्री चेतना को भारत के विकास पथ का केंद्रीय स्तंभ बताते हुए भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नई दिल्ली स्थित National Maritime Foundation में आयोजित इस वार्षिक व्याख्यान का उद्देश्य वाइस एडमिरल के.के. नैयर की बौद्धिक विरासत को सम्मान देना था। वे न केवल भारतीय नौसेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी थे, बल्कि भारत में समुद्री चिंतन को संस्थागत रूप देने वाले अग्रणी रणनीतिक विचारक भी थे। उन्होंने राष्ट्रीय विमर्श में समुद्री आयाम को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का उद्घाटन Admiral Karambir Singh (पूर्व नौसेना प्रमुख एवं एनएमएफ अध्यक्ष) के संबोधन से हुआ। इसके बाद Admiral Dinesh K Tripathi ने मुख्य भाषण देते हुए भारत की समुद्री सुरक्षा, आर्थिक प्रगति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की दोहरी जिम्मेदारी है—वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटना और भविष्य की रणनीतिक आवश्यकताओं के लिए तैयारी करना।
नौसेना प्रमुख ने आगामी अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा में 70 से अधिक देशों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए भारत की बढ़ती वैश्विक समुद्री प्रतिष्ठा को रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोगात्मक सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेष स्मृति व्याख्यान N. R. Narayana Murthy ने ‘सेवामय जीवन को श्रद्धांजलि’ विषय पर दिया। उन्होंने भारत की समुद्री शक्ति और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा के बीच गहरे संबंध को स्पष्ट किया। उनके अनुसार, समुद्र भारत के व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव का मूल आधार हैं। उन्होंने आधुनिक युद्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों और साइबर क्षमताओं के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजनयिक, शिक्षाविद, रणनीतिक विशेषज्ञ तथा वाइस एडमिरल नैयर के परिवारजन उपस्थित रहे। राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन ने पुनः स्पष्ट किया कि वह समुद्री जागरूकता, नीतिगत शोध और रणनीतिक संवाद के माध्यम से भारत के सुरक्षित और सतत समुद्री भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।