वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस: सौराष्ट्र-कच्छ में निवेश का सही समय
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प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में सौराष्ट्र-कच्छ को भारत की ग्रोथ का एंकर रीजन बताया।
ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, पोर्ट-लेड डेवलपमेंट और MSME सेक्टर में निवेश के लिए यही समय सही समय बताया गया।
प्रधानमंत्री ने रिफॉर्म एक्सप्रेस के तहत GST, इंश्योरेंस, लेबर और न्यूक्लियर सेक्टर सुधारों का उल्लेख किया।
कच्छ/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश अवसरों और गुजरात की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित किया। यह सम्मेलन राजकोट में आयोजित हुआ, जिसमें देश-विदेश के निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने सौराष्ट्र-कच्छ को भारत की ग्रोथ का “एंकर रीजन” बताते हुए निवेश के लिए “यही समय, सही समय” का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में अपने संबोधन की शुरुआत गुजरातीय अंदाज़ में “केम छो” कहकर की और 2026 में अपने पहले गुजरात दौरे को सोमनाथ के दर्शन से जोड़ते हुए इसे विकास और विरासत का संगम बताया। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात केवल एक निवेश सम्मेलन नहीं, बल्कि 21वीं सदी के आधुनिक भारत की विकास यात्रा का प्रतीक बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात एक ग्लोबल बेंचमार्क बन चुका है, जहां आज कॉरपोरेट्स के साथ-साथ MSMEs, स्टार्ट-अप्स, को-ऑपरेटिव्स, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान और बहुपक्षीय संगठन एक साथ साझेदारी करते हैं। रीजनल समिट का उद्देश्य गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों की अनछुई संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कृषि उत्पादन, दूध उत्पादन, जेनरिक दवाइयों, वैक्सीन निर्माण और डिजिटल ट्रांजैक्शन में भारत की वैश्विक उपलब्धियों का उल्लेख किया। UPI को दुनिया का नंबर-वन रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ग्रोथ Reform, Perform और Transform की सफलता की कहानी है।
प्रधानमंत्री ने सौराष्ट्र और कच्छ को भारत की ग्रोथ का एंकर रीजन बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राजकोट के MSME इकोसिस्टम, ज्वैलरी उद्योग, अलंग शिप-ब्रेकिंग यार्ड, मोरबी टाइल क्लस्टर और धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लो-कॉस्ट से लेकर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग तक पूरी वैल्यू चेन को सपोर्ट करता है।
ग्रीन ग्रोथ पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कच्छ में बन रहा 30 गीगावॉट का रिन्यूएबल एनर्जी पार्क दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड एनर्जी पार्क होगा। इसके साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और एनर्जी सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी सौराष्ट्र-कच्छ अग्रणी बन रहा है। उन्होंने गुजरात के वर्ल्ड-क्लास पोर्ट्स, विशेषकर मुंद्रा और पिपावाव को ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट का प्रमुख केंद्र बताया और फिशरीज व सी-फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाओं की ओर संकेत किया।
प्रधानमंत्री ने स्किल डेवलपमेंट और एजुकेशन इकोसिस्टम को निवेशकों के लिए बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि गुजरात में स्किल यूनिवर्सिटी, गतिक शक्ति यूनिवर्सिटी, नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी और विदेशी विश्वविद्यालयों की मौजूदगी निवेश को भरोसेमंद बनाती है। पर्यटन की संभावनाओं पर बोलते हुए उन्होंने लोथल, गिर, रण उत्सव, शिवराजपुर बीच, सोमनाथ, द्वारका और दीव का उल्लेख किया और कहा कि यह क्षेत्र इकोनॉमी के साथ-साथ एक्सपीरियंस इकॉनमी का भी केंद्र बन रहा है।
प्रधानमंत्री ने सुधारों पर जोर देते हुए GST, इंश्योरेंस सेक्टर में 100% FDI, नए इनकम टैक्स कानून, लेबर रिफॉर्म्स और न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर के निजी निवेश के लिए खोले जाने को भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस का उदाहरण बताया। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सौराष्ट्र-कच्छ में किया गया हर निवेश उच्च रिटर्न देगा और भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को गति देगा।