PM-सेतु उद्योग परामर्श पुणे में

Sat 17-Jan-2026,05:56 PM IST +05:30

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PM-सेतु उद्योग परामर्श पुणे में PM-Setu-Industry-Consultation-Pune-2026
  • पुणे उद्योग परामर्श से सरकार-उद्योग साझेदारी मजबूत होगी और कौशल प्रशिक्षण को श्रम बाजार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा।

  • हब-एंड-स्पोक मॉडल से युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, शिक्षुता और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे।

Maharashtra / Pune :

PUNE/ कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) तथा महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 19 जनवरी 2026 को पुणे स्थित यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी (यशादा) में एक महत्वपूर्ण उद्योग परामर्श का आयोजन किया जाएगा। यह परामर्श प्रधानमंत्री द्वारा घोषित पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना के क्रियान्वयन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में भविष्य के लिए तैयार, उद्योग-उन्मुख और वैश्विक मानकों पर खरा उतरने वाला कार्यबल तैयार करना है।

इस उद्योग परामर्श की अध्यक्षता भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी और महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की अपर मुख्य सचिव सुश्री मनीषा वर्मा संयुक्त रूप से करेंगी। परामर्श के दौरान वे राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और आईटीआई संस्थानों का दौरा भी करेंगी, जिससे योजना के जमीनी कार्यान्वयन को गति मिल सके।

परामर्श में निर्माण, वस्त्र, ऑटोमोटिव, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, तेल एवं गैस तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली 50 से अधिक पात्र कंपनियां भाग लेंगी। इन उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सरकार पीएम-सेतु योजना के उद्योग-उन्मुख कार्यान्वयन ढांचे, साझेदारी मॉडल और दीर्घकालिक लाभों पर विस्तृत चर्चा करेगी।

पीएम-सेतु योजना के तहत देशभर के 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण किया जाएगा। यह योजना हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित है, जिसके अंतर्गत 200 हब आईटीआई को अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट कक्षाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। वहीं 800 स्पोक आईटीआई इन हब संस्थानों से जुड़कर जिलों में कौशल प्रशिक्षण का विस्तार करेंगे।

योजना की एक अनूठी विशेषता यह है कि आईटीआई का स्वामित्व सरकार के पास रहेगा, लेकिन उनका प्रबंधन उद्योगों द्वारा किया जाएगा। इससे प्रशिक्षण पूरी तरह मांग-आधारित होगा और युवाओं को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कौशल प्राप्त होगा। इस मॉडल के माध्यम से शिक्षुता, प्लेसमेंट और क्लस्टर-आधारित साझेदारियों को भी मजबूती मिलेगी।

परामर्श सत्र में अधिकारियों ने बताया कि पीएम-सेतु उद्योगों को केवल सहयोगी की भूमिका तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें कौशल विकास तंत्र के शासन और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर देता है। उद्योग क्लस्टर मॉडल के तहत कंपनियां पाठ्यक्रम निर्माण, प्रशिक्षण पद्धतियों में सुधार, संकाय के कौशल उन्नयन और मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत करने में सीधा योगदान दे सकेंगी।

इससे उद्योगों को कई प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे। भर्ती लागत में कमी आएगी, कार्यबल की उत्पादकता बढ़ेगी और उद्योग मानकों के अनुरूप रोजगार के लिए तैयार प्रतिभा उपलब्ध होगी। वहीं युवाओं को बेहतर रोजगार, स्थायी आजीविका और करियर में तेजी से प्रगति के अवसर मिलेंगे।

पीएम-सेतु के क्रियान्वयन को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी सक्रियता देखने को मिल रही है। अब तक 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रारंभिक क्लस्टरों की पहचान कर ली है, जबकि 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी राज्य संचालन समितियों को अधिसूचित कर दिया है। इससे योजना के समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

पुणे में होने वाले इस परामर्श के दौरान राज्य में व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। इनमें महाराष्ट्र सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय (डीवीईटी) और फिएट इंडिया, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया, अनुदीप फाउंडेशन तथा एसडीएन/वाधवानी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच साझेदारियां शामिल हैं।

कुल मिलाकर, पीएम-सेतु योजना भारत के कौशल विकास परिदृश्य में एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रही है। सरकार और उद्योग के मजबूत सहयोग से यह पहल न केवल व्यावसायिक संस्थानों को आधुनिक बनाएगी, बल्कि युवाओं को उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार कर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।