वर्धा विश्वविद्यालय में रानी लक्ष्मीबाई पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्रों की शानदार प्रस्तुतियां
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Rani Lakshmibai Program Wardha
रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित.
भरतनाट्यम, नाट्य और कविता से वीरता का प्रदर्शन.
मुख्य अतिथि ने नेतृत्व और प्रबंधन कौशल पर दिया प्रेरक संदेश.
Wardha / महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में प्रबंधन एवं वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों द्वार वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित एक सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। जिसमें भरतनाट्यम नृत्य, रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित नृत्य, सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. उपेंद्र विनायक सहस्रबुद्धे जी (लेखक एवं विचारक, संस्कृति भारतीय न्याय, अध्यक्ष) उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के प्रबंधन कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं निर्णय लेने की दक्षता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। मुख्य उपस्थिति में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र पी. गादेवार उपस्थित रहे। इस अवसर पर हिंदी साहित्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अवधेश कुमार शुक्ला, डॉ. गोपाल कृष्ण ठाकुर (अधिष्ठाता, प्रबंधन विभाग) की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को अत्यंत प्रभावित किया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. रविन्द्र बोरकर द्वारा किया गया, संचालन वैभव दीक्षित एवं अंकित शर्मा द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व विभाग के विद्यार्थी वैभव दीक्षित एवं जान्हवी मिश्रा द्वारा किया गया।