कांतारा विवाद में रणवीर सिंह पर FIR
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रणवीर सिंह पर कर्नाटक की दैवा परंपरा और चावुंडी दैव के कथित अपमान को लेकर बेंगलुरु में एफआईआर दर्ज
मामले की सुनवाई 8 अप्रैल को, अभिनेता ने विवाद बढ़ने पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी
Bollywood/ बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला कर्नाटक की प्राचीन और आस्था से जुड़ी दैवा परंपरा से संबंधित है। बेंगलुरु में उनके खिलाफ हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत करने और चावुंडी दैव परंपरा के कथित अपमान को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। यह विवाद फिल्म ‘कांतारा’ में दर्शाए गए दैवीय अनुष्ठानों की कथित नकल और मंच पर दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसे स्थानीय समुदाय ने अपमानजनक बताया है।
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह पर कर्नाटक की दैवा परंपरा के अपमान का गंभीर आरोप लगा है। बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, रणवीर सिंह ने सार्वजनिक मंच पर फिल्म ‘कांतारा’ से जुड़े दैवा नृत्य की नकल करते हुए ऐसे हाव-भाव अपनाए, जिन्हें तुलु नाडु समुदाय ने अपनी धार्मिक आस्था का मजाक बताया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस कृत्य से चावुंडी दैव जैसी पूजनीय लोकदेवी का अपमान हुआ है।
यह मामला 28 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर बातचीत करते हुए रणवीर सिंह ने पंजुरली और गुलिगा दैव से संबंधित मुद्राओं की नकल की थी। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने चावुंडी दैव को ‘महिला भूत’ जैसी टिप्पणी से जोड़ दिया, जिससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
बेंगलुरु के अधिवक्ता प्रशांत मेथल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर रणवीर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह धाराएं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सार्वजनिक शांति भंग करने से संबंधित हैं।
चावुंडी दैव कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों, विशेषकर तुलु नाडु में पूजित एक रक्षक देवी मानी जाती हैं। दैवा परंपरा में गुलिगा, पंजुरली, चावुंडी और हुली दैव को चतुर्मुख दैव कहा जाता है। ये लोकदेवता प्रकृति, समाज और न्याय के संतुलन के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में इन परंपराओं को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी को अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
विवाद बढ़ने के बाद रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी धार्मिक परंपरा या आस्था का अपमान करना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ‘कांतारा’ और उसके निर्देशक ऋषभ शेट्टी के काम से प्रभावित थे और केवल उसकी सराहना करना चाहते थे।
यह मामला अब बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अदालत में पहुंच चुका है। कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई की तारीख 8 अप्रैल तय की है। फिलहाल यह विवाद केवल एक अभिनेता तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक सम्मान और लोक आस्था से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन गया है।